जिले में पंचायतीराज संस्थाओं के आम चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है। पितृपक्ष के दौरान सुस्त रही नामांकन प्रक्रिया ने शारदीय नवरात्रि के पहले दिन से ही रफ्तार पकड़ ली है। जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट और विभिन्न पंचायत समिति कार्यालयों में सोमवार को दिनभर प्रत्याशियों और उनके समर्थकों का तांता लगा रहा। सोमवार को एक दिन में भी जिला परिषद की 37 सीटों पर 57 नामांकन पेश किए गए। कांग्रेस से पूर्व विधायक, पूर्व जिला प्रमुख ने नामांकन भरा है। वहीं, भाजपा और बीएपी से भी कई बड़े नेता इस बार पंचायतीराज में दांव आजमा रहे हैं। जिले में जिला परिषद सीटों के चुनाव लड़ने के लिए इच्छुक उम्मीदवारों ने जिला निर्वाचन अधिकारी के समक्ष अपने नामांकन पत्र प्रस्तुत किए। वहीं, विभिन्न पंचायत समितियों की सीटों के लिए संबंधित रिटर्निंग अधिकारी कार्यालयों में भी उम्मीदवारों ने पहुंचकर अपने पर्चे दाखिल किए। इस चुनावी हलचल के बीच सबसे खास बात यह है कि प्रदेश के दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस ने अभी तक अपने अधिकृत प्रत्याशियों की आधिकारिक सूची की घोषणा नहीं की है। इसके बावजूद पार्टी के अंदरूनी निर्देशों और समय सीमा को ध्यान में रखते हुए कई प्रमुख दावेदारों ने एहतियातन अपने नामांकन दाखिल कर दिए हैं। कांग्रेस से पूर्व विधायक पूंजीलाल परमार ने वार्ड संख्या 34 पुनाली, संजय परमार ने वार्ड 35 कोलखंडा और पूर्व जिला प्रमुख रही रतन देवी भराड़ा ने वार्ड 5 गैंजी से नामांकन भरा है। वहीं, भाजपा और बीएपी से भी कई प्रत्याशियों ने अपने नामांकन पेश किए। आज एक दिन में 57 नामांकन पेश किए गए हैं। बगावत को टालने भाजपा ओर कांग्रेस ने लिस्ट जारी नहीं की बगावत के सुरों को दबाने और अंतिम समय तक चुनावी समीकरण साधने के लिए पार्टियां अपनी सूचियों को रोके हुए हैं। चर्चा है कि इस बार दोनों ही दल अधिकृत प्रत्याशियों के नाम सीधे रिटर्निंग अधिकारी को पार्टी सिम्बल के रूप में सौंपेंगे, जिससे अधिकृत चेहरों से पर्दा अंतिम समय में ही उठेगा। नामांकन प्रक्रिया के तहत मंगलवार को नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख है। इसे देखते हुए जिला मुख्यालय और पंचायत समिति कार्यालयों में अंतिम दिन भारी भीड़ उमड़ने की पूरी संभावना है, क्योंकि कई अन्य दावेदार भी अंतिम क्षणों में अपने पर्चे दाखिल कर सकते हैं। इसके बाद नामांकन पत्रों की छंटनी और नाम वापसी की प्रक्रिया संपन्न होगी। निर्वाचन आयोग के तय कार्यक्रम के अनुसार डूंगरपुर जिले में प्रथम चरण के अंतर्गत कुल 7 पंचायत समितियों में चुनाव संपन्न कराए जाने हैं। इसे लेकर जिला प्रशासन और पुलिस महकमा भी पूरी तरह सतर्क है।