जिले में बैंकिंग सुविधाओं से वंचित ग्रामीण क्षेत्रों तक बैंकिंग सेवाओं की पहुंच बढ़ाने और पात्र लोगों को समय पर ऋण उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है। जिला स्तरीय समीक्षा एवं वसूली समिति (डीएलआरसी-डीएलसीसी) की बैठक मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में कलेक्टर अरुण कुमार हसीजा की अध्यक्षता में हुई। बैठक में जून 2026 को समाप्त तिमाही के दौरान जिले में बैंकिंग और ऋण गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सरकार प्रायोजित योजनाओं में ऋण वितरण, लंबित आवेदनों के निस्तारण, एनपीए और ऋण वसूली की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने बैंकर्स और संबंधित अधिकारियों को लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता से निस्तारण करने के निर्देश दिए। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय सेवाओं की पहुंच बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। अग्रणी जिला प्रबंधक दिनेश कुमार डामोर ने वार्षिक साख योजना के तहत ऋण प्रवाह, प्राथमिकता क्षेत्र में ऋण वितरण और ऋण-जमा अनुपात की जानकारी दी। कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों, कृषि अवसंरचना, एफपीओ, एमएसएमई व एमएसएमई क्लस्टर, कमजोर वर्ग और स्वयं सहायता समूहों के क्रेडिट लिंकेज की प्रगति पर भी चर्चा हुई। डिजिटल भुगतान और बीमा योजनाओं का बढ़ाएं दायरा : बैठक में बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट के कार्य प्रदर्शन की समीक्षा के साथ डिजिटल भुगतान और वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। वित्तीय साक्षरता शिविर आयोजित करने तथा आरसेटी के माध्यम से कौशल विकास कार्यक्रमों की प्रगति भी देखी गई। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और अटल पेंशन योजना में अधिक से अधिक पात्र लोगों को जोड़ने के निर्देश दिए। समन्वय से समय पर लक्ष्य पूरा करने की हिदायत : कलेक्टर ने बैंकर्स और विभागीय अधिकारियों को आपसी समन्वय से काम करने तथा जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया। बैठक में आरबीआई के अग्रणी जिला अधिकारी राजीव चौधरी, एलडीएम दिनेश कुमार डामोर, डीडीएम नाबार्ड आशीष जैन सहित विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।