कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के स्वाइन फ्लू पॉजीटिव होने पर स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर आज एसएमएस हॉस्पिटल पहुंचे। वहां मौजूद डॉक्टरों ने प्रोटोकॉल का हवाला देते हुए उन्हें आईसीयू वार्ड के गेट पर ही रोक दिया। इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री ने बाहर से ही डॉक्टरों से बातचीत करके कृषि मंत्री के स्वास्थ्य की जानकारी ली। दरअसल, कृषि मंत्री 25 अगस्त की देर रात स्वाइन फ्लू (एच1एन1) पॉजिटिव आने के बाद मेडिकल आईसीयू में भर्ती हुए थे। उनके स्वास्थ्य पर विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम निगरानी रख रही है। बुधवार सुबह मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी एसएमएस के प्रिंसिपल और अधीक्षक से बात करके मंत्री किरोड़ी लाल मीना के स्वास्थ्य का अपडेट लिया था। दोपहर में चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर भी डॉ. मीणा की कुशलक्षेम पूछने एसएमएस हॉस्पिटल पहुंचे। लेकिन जब वह आईसीयू वार्ड में प्रवेश करने लगे तो वहां मौजूद डॉक्टरों ने मंत्री खींवसर को संक्रमण के जोखिम और स्वाइन फ्लू प्रोटोकॉल का हवाला देकर अंदर जाने रोक दिया। सलाह दी कि वह आईसीयू के बाहर से जानकारी लें। पूर्व सीनियर डॉक्टर भी नहीं बता पाए प्रोटोकॉल बताया जा रहा है कि एसएमएस हॉस्पिटल के पूर्व सीनियर प्रोफेसर सी.एल. नवल, डॉ. किरोड़ी मीणा के फैमिली डॉक्टर हैं। मंत्री खींवसर के पहुंचने से पहले सी.एल.नवल मौजूद थे। जैसे ही स्वास्थ्य मंत्री आईसीयू गेट पर पहुंचे तो वे खुद मंत्री को अंदर जाकर मिलने के लिए कहने लगे। लेकिन हॉस्पिटल में मौजूद डॉक्टरों ने प्रोटोकॉल का हवाला देकर मुलाकात नहीं करने की सलाह दी। आठ गुना बढ़ा खतरा राजस्थान में अगस्त के पहले 15 दिनों में स्वाइन फ्लू के 129 केस सामने आए हैं। पिछले साल इसी अवधि में यह संख्या 16 थी। स्वास्थ्य विभाग ने सर्विलांस और निगरानी बढ़ाई है। ऐसे में सवाल सिर्फ एक मंत्री के स्वास्थ्य का नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश को दिए जा रहे संदेश का है।