केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने नगरीय निकाय चुनावों की मतगणना से एक दिन पहले 13 सितम्बर की शाम को जसोल धाम पहुंचकर पश्चिमी राजस्थान की लोकआस्था की आराध्य श्री राणीसा भटियाणीसा के दर्शन-पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर आगमन पर संस्थान के प्रवक्ता कुँवर हरिश्चंद्र सिंह जसोल ने उनका आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। नगरीय निकाय चुनावों का मतदान संपन्न होने के पश्चात मतगणना की पूर्व संध्या पर श्री राणीसा भटियाणीसा के दरबार पहुंचे शेखावत ने श्रद्धापूर्वक शीश नवाकर विशेष प्रार्थना की। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की विजय तथा विभिन्न नगर निगमों, नगर परिषदों एवं नगरपालिकाओं में जनसेवा, सुशासन और विकास को समर्पित भाजपा के बोर्ड गठन की मंगलकामना करते हुए प्रदेश एवं क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति, खुशहाली और जनकल्याण के लिए श्री राणीसा भटियाणीसा का आशीर्वाद प्राप्त किया। जसोल धाम को बताया आस्था का केंद्र इस अवसर पर शेखावत ने कहा कि जसोल धाम देशभर के असंख्य श्रद्धालुओं की अटूट आस्था, श्रद्धा एवं विश्वास से जुड़ा पवित्र धार्मिक केंद्र है। श्री राणीसा भटियाणीसा के दरबार में दर्शन-पूजन से आत्मिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और जनसेवा के संकल्प को नई शक्ति प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि नगरीय निकाय लोकतांत्रिक व्यवस्था में स्थानीय विकास एवं जनसुविधाओं को सुदृढ़ करने की महत्वपूर्ण इकाई हैं। शहरों एवं कस्बों में स्वच्छता, सड़क, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, आधारभूत ढांचे और जनसुविधाओं के विस्तार में सक्षम एवं उत्तरदायी स्थानीय निकाय महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनता का आशीर्वाद भाजपा को प्राप्त होगा और गठित होने वाले बोर्ड विकास, सुशासन एवं जनसेवा को प्राथमिकता देते हुए जनआकांक्षाओं को साकार करेंगे। शेखावत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास एवं जनकल्याण की भावना को स्थानीय निकाय स्तर तक और अधिक सशक्त बनाने का संकल्प व्यक्त किया। उन्होंने भाजपा के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों द्वारा सेवा, पारदर्शिता, जवाबदेही एवं समर्पण के भाव से अपने-अपने क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास को गति देने का विश्वास जताया। दर्शन-पूजन के दौरान केंद्रीय मंत्री ने मतगणना में भाजपा की विजय, विकासोन्मुखी बोर्डों के गठन, प्रदेश एवं क्षेत्र की खुशहाली तथा जनसेवा के संकल्पों की सिद्धि के लिए श्री राणीसा भटियाणीसा से मंगलकामना की। उनके सायंकालीन आगमन के अवसर पर जसोल धाम का वातावरण श्रद्धा, आस्था एवं भक्तिभाव से परिपूर्ण रहा।