रैप के बोल, हिप-हॉप की धुन और कलाकारों की रचनात्मक परफॉर्मेंस के बीच रविवार रात जयपुर में पर्यावरण संरक्षण की आवाज गूंजी। जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों और पर्यावरण बचाने की जरूरत के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से ग्लोबल साइफर डे 2026 का तीसरा संस्करण आयोजित किया गया। देर रात तक चले इस कार्यक्रम में देश-विदेश के कलाकारों ने संगीत और रैप के जरिए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। 3 महाद्वीपों, 5 देशों के 45 से ज्यादा कलाकार आए ईएमसीईई एनआरएस के संस्थापक नरेश कुमार वर्मा और राजस्थान हिप-हॉप सेंटर की ओर से शुरू की गई इस वैश्विक पहल में तीन महाद्वीपों, पांच देशों और 45 से अधिक शहरों के 55 से ज्यादा साइफर समुदायों ने भाग लिया। कलाकारों ने अपनी परफॉर्मेंस के माध्यम से जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों को उठाया। ग्लोबल साइफर डे पर आयोजित हुआ कार्यक्रम ग्लोबल साइफर डे का उद्देश्य हिप-हॉप संस्कृति को मनोरंजन तक सीमित रखने के बजाय सामाजिक जागरूकता और सकारात्मक बदलाव का माध्यम बनाना है। रैप और संगीत के जरिए कलाकार गंभीर सामाजिक एवं पर्यावरणीय मुद्दों को युवाओं तक आसान और प्रभावी तरीके से पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। इस पहल के माध्यम से साइफर समुदाय ने दिखाया कि संगीत और युवा संस्कृति का इस्तेमाल जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों पर जागरूकता बढ़ाने के लिए भी किया जा सकता है।