गुप्त वृन्दावन धाम में चार अक्टूबर को विश्व गुरु श्रील प्रभुपाद का आश्रय समारोह होगा, जिसके लिए इस बार युवाओं में ख़ासा उत्साह है। जीवन पथ की दुविधाओं को साधना के द्वारा पार करने के लिए इस बार बड़ी संख्या में युवा भक्तों की ओर से आवेदन किया गया है। इसमें 18 से 34 साल की आयु वर्ग के युवा ज्यादा है। श्रील प्राभुपाद ‘आश्रय’ के लिए युवाओं का बड़ी संख्या में आवेदन यह संकेत करता है कि युवा पीढ़ी भी नियमित साधना, आध्यात्मिक अध्ययन और जीवन में स्पष्ट आध्यात्मिक दिशा की ओर आकर्षित हो रही है। पिछले साल की तुलना में इस बार के आवेदनों में बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मंदिर के अध्यक्ष अमितासना दास ने आश्रय समारोह के अलग-अलग चरणों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि भक्त, श्रद्धावान (1 माला जाप), सेवक (4 माला जप), साधक (8 माला जप), उपासक (12 माला जप) और चरणआश्रय (16 माला जप) का प्रण लेते हैं। इसके साथ नियमित हरे कृष्ण महामंत्र जप, श्रील प्रभुपाद की पुस्तकों का अध्ययन, मंदिर सेवा, भक्त-संग और सदाचार जिसमे नशा न करना, मांसाहर न करना, जुआ न खेलना और अवैध यौन संबंधों से दूर रहने की प्रतिज्ञा ली जाती है।