राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत मंगलवार को हनुमानगढ़ कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए ओरिएंटेशन ट्रेनिंग कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें अलग-अलग विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों के साथ इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) और एनजीओ के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया। ट्रेनिंग में ‘गेटकीपर’ के रूप में मानसिक परेशानी के शुरुआती लक्षण पहचानकर संबंधित व्यक्ति को समय रहते डॉक्टर या काउंसलर तक पहुंचाने की जानकारी दी गई। 10 सितंबर से 10 अक्टूबर तक मानसिक स्वास्थ्य माह सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस (10 सितंबर) से 10 अक्टूबर तक पूरे राजस्थान में मानसिक स्वास्थ्य माह मनाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत जिला स्तरीय अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए यह ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ाना और जरूरतमंद व्यक्ति को समय पर सहायता उपलब्ध कराना है। ‘मनदर्पण’ से बेहतर कार्यस्थल का प्रयास कार्यक्रम में ‘मनदर्पण’ पहल के जरिए मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और कार्यस्थल पर सकारात्मक व बेहतर माहौल बनाने पर जोर दिया गया। खास तौर पर युवाओं और आम लोगों में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े लक्षणों को पहचानने की जानकारी दी गई, ताकि परेशानी बढ़ने से पहले उचित मदद मिल सके। गेटकीपर पहचानेंगे मानसिक परेशानी के संकेत ट्रेनिंग के दौरान बताया गया कि यदि किसी व्यक्ति के व्यवहार या बातचीत में मानसिक परेशानी के संकेत दिखाई देते हैं, तो उन्हें नजरअंदाज करने के बजाय समय रहते पहचानना जरूरी है। गेटकीपर ट्रेनिंग का उद्देश्य ऐसे लोगों को शुरुआती स्तर पर चिन्हित कर डॉक्टर से सलाह दिलाना है। डॉ. शर्मा ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाना सबसे जरूरी है, ताकि लोग समस्या को छिपाने के बजाय समय पर मदद ले सकें। 14416 हेल्पलाइन मोबाइल में सेव रखने की अपील सीएमएचओ ने आमजन से टेली-मानस हेल्पलाइन नंबर 14416 मोबाइल में सेव रखने की अपील की। उन्होंने बताया कि मानसिक परेशानी, काउंसलिंग या किसी भी तरह की मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्या में इस हेल्पलाइन के जरिए काउंसलर से बात की जा सकती है। यह सेवा 24 घंटे उपलब्ध है। जिला अस्पताल में वार्ड और साइकेट्रिस्ट की सुविधा डॉ. शर्मा ने बताया कि जिला अस्पताल में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए वार्ड की सुविधा उपलब्ध है। अस्पताल में साइकेट्रिस्ट भी मौजूद हैं, जबकि मेडिकल कॉलेज में भी विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएं मिल रही हैं। साइकेट्रिस्ट की टीम लगातार फील्ड में जाकर कैंप आयोजित कर रही है। इसके साथ ही नशामुक्ति के लिए भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जागरूकता पर विशेष फोकस स्वास्थ्य विभाग लंबे समय से मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम कर रहा है, लेकिन मानसिक स्वास्थ्य माह के दौरान जागरूकता गतिविधियों को विशेष रूप से बढ़ाया जा रहा है। प्रशिक्षण के जरिए अधिकारियों-कर्मचारियों को भी इस अभियान से जोड़कर मानसिक परेशानी से जूझ रहे लोगों तक समय पर सहायता पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।