हनुमानगढ़ में नगर परिषद के दो अधिकारियों के खिलाफ शुक्रवार को टाउन पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने जंक्शन प्रभारी गंगाराम और सीनियर अकाउंट ऑफिसर मालचंद शर्मा को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। कार्रवाई की जानकारी मिलने पर पूर्व सभापति सुमित रणवां सहित कई पार्षद टाउन थाने पहुंचे और विरोध जताया। 2006 की फाइलों को लेकर दर्ज हुआ मामला रणवां और पार्षदों ने थाना प्रभारी से मुलाकात कर पुलिस कार्रवाई को असंवैधानिक बताया। उन्होंने कहा कि सोनू मीणा की रिपोर्ट पर दोनों अधिकारियों को नामजद किया गया है। मुकदमे में 2006 की फाइलों का जिक्र है, जबकि इन फाइलों के गुम होने की रिपोर्ट वर्ष 2013 में कृष्ण गोस्वामी ने दर्ज करवाई थी। भूमि शाखा की फाइलों का अकाउंट शाखा से संबंध नहीं रणवां के अनुसार, संबंधित फाइलें नगर परिषद की भूमि शाखा से जुड़ी हैं और उनका अकाउंट शाखा से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने बताया कि गंगाराम वर्ष 2017 में नगर परिषद में शामिल हुए थे और 2021 में उन्हें जंक्शन प्रभारी बनाया गया। ऐसे में उन्होंने मामले में अधिकारियों की भूमिका और जिम्मेदारी की निष्पक्ष जांच की मांग की। राजनीतिक दुश्मनी के आरोप, आंदोलन की चेतावनी रणवां ने आरोप लगाया कि पुलिस दबाव में मुकदमे दर्ज कर नगर परिषद अधिकारियों को परेशान कर रही है और इसके पीछे राजनीतिक दुश्मनी है। उन्होंने अधिकारियों की निष्पक्ष जांच कराने और निर्दोष पाए जाने पर उन्हें तुरंत रिहा करने की मांग की। जनता के साथ धरने की चेतावनी रणवां ने चेतावनी दी कि यदि अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रही तो जनता के साथ मिलकर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मामले में पुलिस और प्रशासन को निष्पक्ष तरीके से कार्रवाई करनी चाहिए।