मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में शुक्रवार को ‘पंचायती राज का जनप्रतिनिधि संवाद’ कार्यक्रम आयोजित हुआ। प्रदेश के विभिन्न जिलों के जनप्रतिनिधि जिला स्तरीय कार्यक्रमों के माध्यम से इससे जुड़े। हनुमानगढ़ में कार्यक्रम कलेक्ट्रेट परिसर स्थित भू-अभिलेखागार भवन में हुआ। संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने सरपंचों और प्रशासकों से उनके क्षेत्रों में किए जा रहे नवाचारों व विकास कार्यों की जानकारी ली। ग्राम पंचायत डबली बास कुतुब के जगतार सिंह बराड़ ने शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, कृषि और आधारभूत सुविधाओं से जुड़े कार्यों की जानकारी साझा की। पांच स्कूलों में सुविधाओं का विस्तार जगतार सिंह बराड़ ने बताया कि ग्राम पंचायत क्षेत्र में कुल पांच स्कूल हैं, जिनमें से दो विद्यालयों को राज्य सरकार के मौजूदा कार्यकाल में क्रमोन्नत किया गया है। विद्यालयों में सुविधाओं के विस्तार के साथ शिक्षा के लिए पंचायत क्षेत्र के स्कूलों में 12 कमरों का निर्माण और पानी की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। पर्यावरण संरक्षण के लिए दाह संस्कार भट्टी बराड़ ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ग्राम पंचायत क्षेत्र में दाह संस्कार के लिए भट्टी तैयार करवाने की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि पंचायत स्तर पर आधारभूत सुविधाओं के साथ पर्यावरण से जुड़े कार्यों पर भी ध्यान दिया जा रहा है। सात चकों में खालों का निर्माण, किसान प्रशिक्षण केंद्र तैयार उन्होंने बताया कि सरकार के मौजूदा कार्यकाल में उनके क्षेत्र के सात चकों में खालों का निर्माण हुआ है। वहीं, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ग्राम उत्थान योजना के तहत एक करोड़ रुपए की लागत से किसान प्रशिक्षण केंद्र का निर्माण करवाया गया है। केंद्र में किसानों को प्रशिक्षण देकर उनकी आय बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। बराड़ ने गेहूं की एमएसपी खरीद पर राज्य सरकार की ओर से दिए गए 150 रुपए प्रति क्विंटल बोनस का भी उल्लेख किया। सरपंच को गांव की उम्मीदों का पहला केंद्र बताया मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंचायतीराज संस्थाओं और सरपंचों को देश के विकास की धुरी बताया है। उन्होंने कहा कि गांव के व्यक्ति की समस्या के समाधान और उसकी उम्मीद का पहला केंद्र सरपंच होता है। अपने सरपंच कार्यकाल के अनुभव साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से गांव के लोगों के साथ निरंतर संवाद करने की बात कही। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतें पारदर्शी, जवाबदेह और जनभागीदारी वाली होंगी तो विकास की गति और प्रभाव दोनों बढ़ेंगे। किसान, युवा, महिला और गरीबों से जुड़े फैसलों का उल्लेख मुख्यमंत्री ने सरकार के पौने तीन वर्ष के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि सुशासन, पारदर्शिता और जनसेवा को प्राथमिकता देते हुए किसानों, युवाओं, महिलाओं और गरीबों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि किसान सम्मान निधि बढ़ाकर 9 हजार रुपए की गई है और 76 लाख से अधिक किसानों को 14,400 करोड़ रुपए से अधिक की राशि दी जा चुकी है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन बढ़ाकर 1,450 रुपए प्रतिमाह की गई है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास निर्माण के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, जल और बिजली सुविधाओं के विस्तार की जानकारी भी दी। मुख्यमंत्री ने जल संरक्षण, नल से जल, स्वामित्व कार्ड, पट्टे और ओडीएफ प्लस जैसे कार्यों को गति मिलने की बात कही। उन्होंने नई जिला परिषदों, पंचायत समितियों और ग्राम पंचायतों के गठन तथा जनप्रतिनिधियों के मानदेय में वृद्धि का भी उल्लेख किया। जिले के जनप्रतिनिधियों को मुख्यमंत्री का संदेश वितरित कार्यक्रम के दौरान जिला कलक्टर की ओर से जिले के जनप्रतिनिधियों को मुख्यमंत्री का संदेश वितरित किया गया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में जनसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर चल रहे सेवा संकल्प अभियान से अधिक से अधिक जनप्रतिनिधियों को जुड़ने का आह्वान किया। जिला स्तरीय कार्यक्रम में जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव, अतिरिक्त जिला कलक्टर उम्मेदीलाल मीणा, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी देशराज सहित जिला स्तरीय अधिकारी, ग्राम पंचायत प्रशासक, कर्मचारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।