विद्या संबल योजना में खामियों की भरमार; अधिकारियों ने आनन-फानन में आचार संहिता का नहीं रखा ध्यान, अब निकाल रहे हैं संशोधित आदेश आधा सत्र बीतने के बाद सरकारी स्कूलों में खाली पड़े 76 हजार से अधिक पदों पर गेस्ट फेकल्टी लगाने के लिए विद्या संबल योजना शुरू की गई है। इस योजना में खामियों की भरमार है। अधिकारियों ने आचार संहिता का ध्यान ही नहीं रखा। जिला स्तर पर निकाली जा रही इस योजना में अभ्यर्थियों को आवेदन के लिए दो से तीन दिन का ही समय मिल रहा था। विरोध हुआ तो कई जिलों में 24 घंटे के भीतर ही योजना का आदेश वापस ले लिया गया। जयपुर सहित कई जिलों में तो अब तक आदेश ही जारी नहीं हुआ। बूंदी, झालावाड़ और बारां सहित कुछ जिलों में तो पहला आदेश निरस्त कर अब संशोधित आदेश जारी किया गया, जिसमें कहा गया कि योजना का यह आदेश आचार संहिता वाले क्षेत्रों में अप्रभावी रहेगा। पिछले दिनों मुख्य सचिव ने सभी जिला कलेक्टरों को विद्या संबल योजना के तहत स्कूलों में गैस्ट फेकल्टी लगाने का आदेश जारी किया था। इसके बाद जिलों में मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी (सीडीईओ) को इस योजना का नोडल बनाया गया है। अभी तक माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने खाली पदों को लेकर अभी कोई स्पष्ट गाइडलाइन जारी नहीं की है। इसलिए इच्छुक युवाओं को खाली पद का पता करने को लेकर परेशानी आ रही है। खामियां इतनी की कैसे होगा स्कूलों में विद्या संबल
निकाय चुनाव की आचार संहिता के
बीच भर्ती क्यों निकाली।
महात्मा गांधी स्कूलों में पद सृजित
नहीं, गेस्ट फेकल्टी कैसे लगेगी।
पदोन्नत होने के बाद 10 हजार वाइस
प्रिंसिपल व्याख्याताओं के पद पर लगे हैं। इसलिए व्याख्याता के पद खाली नहीं।
इस खाली पद के विरुद्ध दूसरे स्कूल में लगे शिक्षक का वेतन उठाया जा रहा है तो वह पद खाली नहीं माना जा रहा।
शैक्षणिक योग्यता और प्रशैक्षणिक योग्यता के प्राप्तांकों का वेटेज के प्रावधानों को लेकर जिलों में एकरूपता नहीं। बेरोजगार डिग्रीधारी खाली पदों का पता कहां से करे, कुछ तय नहीं। इन पदों पर लगाई जानी है गेस्ट फेकल्टी
स्कूलों में खाली पड़े व्याख्याता, वरिष्ठ अध्यापक और अध्यापक लेवल-1 व 2 के पदों पर गेस्ट फैकल्टी लगाई जाएगी। रिटायर के साथ साथ इन पदों की योग्यता रखने वाले बेरोजगार डिग्रीधारी भी आवेदन कर सकते हैं। विभाग पहले चरण में व्याख्याता के पद पर गेस्ट फेकल्टी लगाने की तैयारी में है। भर्ती निकालकर राहत प्रदान करनी चाहिए
इस संविदा भर्ती में आरक्षण को लेकर विसंगति है। युवा परेशान है। इसलिए सरकार को संविदा भर्ती की बजाय सरकार को नियमित भर्ती निकालकर युवाओं को राहत प्रदान करनी चाहिए। - ईरा बोस, प्रदेशाध्यक्ष, युवा हल्ला बोल मेरे बारां जिले में पहले आवेदन के लिए कम समय था। इसलिए संशोधित विज्ञप्ति जारी की गई है। इसमें आवेदन के लिए 31 अगस्त तक का समय दिया गया है। - गेंदालाल, सीबीईओ, बारां