भास्कर न्यूज | सवाई माधोपुर हार्ट अटैक से हुई मौत को बीमा कवरेज से बाहर बताकर 26 लाख रुपए का क्लेम खारिज करना बीमा कंपनी और बैंक को भारी पड़ा। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने परिवाद स्वीकार करते हुए बीमा कंपनी और बैंक को 26 लाख रुपए की बीमा राशि 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ अदा करने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा 10 हजार रुपए मानसिक क्षतिपूर्ति और 10 हजार रुपए परिवाद व्यय के भी देने होंगे। अधिवक्ता हरिप्रसाद योगी ने बताया कि परिवा​िदया खातून पत्नी जकरू उर्फ जफरूद्दीन खान निवासी शिव मंदिर के पास रेलवे कॉलोनी कुतलपुरा जाटान ने चोला एमएस जनरल इंश्योरेंस कंपनी, एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक सहित संबंधित पक्षों के खिलाफ आयोग में परिवाद पेश किया था। परिवाद में उसने बताया कि उसके पति जकरू खान को 3 अप्रैल 2025 को हार्ट अटैक आया था। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद बीमा पॉलिसी के तहत क्लेम प्रस्तुत किया गया, लेकिन बीमा कंपनी ने क्लेम खारिज कर दिया। कंपनी ने कहा- दुर्घटना में मृत्यु पर ही बीमा राशि देय है। बीमा कंपनी ने आयोग के समक्ष तर्क दिया कि जकरू खान के नाम चोला ग्रुप क्रेडिट लिंकड़ क्रिटिकल इलनेस इंश्योरेंस पॉलिसी जारी की गई थी। कंपनी के अनुसार पॉलिसी की शर्तों में दुर्घटना के कारण मृत्यु होने पर बीमित राशि का भुगतान किया जाना था। कंपनी ने हार्ट अटैक से हुई मृत्यु को पॉलिसी के तहत बीमा राशि के लिए पात्र नहीं माना। आयोग अध्यक्ष कीर्ति जैन व सदस्य अर्पणा पाराशर ने सुनवाई करते हुए 26 लाख रुपए ब्याज सहित देने व आर्थिक एवं मानसिक क्षतिपूर्ति तथा परिवाद खर्च के 20 हजार रुपए देने के आदेश दिए हैं।