राजस्थान के बोरावड़ के मूल निवासी प्रवीन बेताला और नताशा बेताला के इकलौते बेटे जहान बेताला 18 जनवरी 2027 को जैन दीक्षा ग्रहण करेंगे। ये अभी गुजरात के सूरत में रह रहे हैं। आचार्य श्री महाश्रमणजी उन्हें लाडनूं स्थित जैन विश्व भारती परिसर में दीक्षा देंगे। 12 साल की उम्र में मन में त्याग की भावना परिवार के अनुसार, जहान को करीब 12 साल की उम्र से ही त्याग देने की भावना होने लगी थी। इसी सोच के चलते उन्होंने सांसारिक जीवन छोड़कर संयम और आध्यात्मिक मार्ग अपनाने का निर्णय लिया। इस फैसले में साध्वी मंगलप्रज्ञाजी का मार्गदर्शन महत्वपूर्ण रहा। वे इन दिनों बालोतरा में चातुर्मास कर रही हैं। परिवार के अनुसार, उन्होंने जहान को आध्यात्मिक मार्ग पर आगे बढ़ने में मार्गदर्शन दिया और उनके माता-पिता को भी इस फैसले के लिए तैयार होने में मदद की। परिवार ने समाज को दिया निमंत्रण जहान की बहन जियाना और उनके माता-पिता ने बालोतरा के श्रावक-श्राविका समाज को दीक्षा समारोह में शामिल होने और आशीर्वाद देने के लिए आमंत्रित किया है। परिवार के लिए यह अवसर भावनात्मक और आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण है। दीक्षा के साथ जहान अपने जीवन की नई आध्यात्मिक यात्रा शुरू करेंगे।