जयपुर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो कार्रवाई के दौरान शुक्रवार को सीनियर स्टैटिकल ऑफिसर मुकेश माल्या को 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते ट्रैप किया गया। एसीबी ने आरोपी को शुक्रवार करीब 10:00 बजे काले हनुमान जी के सामने वाली सड़क से ट्रैप की कार्रवाई की। यहीं पर आरोपी और परिवादी मिलने वाले थे। आरोप है कि भारत सरकार के मिनिस्ट्री ऑफ स्टेटिक्स एंड प्रोग्राम इम्प्लीमेंटेशन के वरिष्ठ सांख्यिकी अधिकारी(सीनियर स्टैटिकल ऑफिसर) मुकेश माल्या ने एक फर्म पर पेनल्टी लगाने का दबाव बनाकर 15 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की थी। कार्रवाई के दौरान अधिकारी की किडनी की बीमारी की जानकारी सामने आई। जिसके चलते उन्हें एसएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका SMS अस्पताल में उपचार जारी है। ACB डीआईजी सेकेंड, जयपुर ओमप्रकाश मीणा ने बताया कि जयपुर की ग्रीन माउंटेन जेम्स प्राइवेट लिमिटेड रत्न पन्ना की मैन्युफैक्चरिंग का काम करती है। फर्म का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट मिनिस्ट्री ऑफ स्टेटिक्स एंड प्रोग्राम इम्प्लीमेंटेशन, भारत सरकार की ओर से जारी किया गया है। आरोप है कि 24 सितंबर को वरिष्ठ सांख्यिकी अधिकारी मुकेश माल्या ने फर्म पर पेनल्टी लगाने का दबाव बनाते हुए 15 हजार रुपए रिश्वत की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद ACB चौकी जयपुर नगर चतुर्थ ने शिकायत का सत्यापन कराया। सत्यापन में रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर शुक्रवार को एएसपी मनोज कुमार गुप्ता के नेतृत्व में पुलिस इंस्पेक्टर रामजीलाल और उनकी टीम ने ट्रैप की कार्रवाई को अंजाम दिया। किडनी की बीमारी के चलते एसएमएस अस्पताल में भर्ती ओमप्रकाश मीणा ने बताया कि मुकेश माल्या पहले से किडनी संबंधी बीमारी का उपचार करा रहा है। कार्रवाई के दौरान तबीयत बिगड़ने पर ACB टीम उसे तत्काल गणगौरी अस्पताल लेकर गई, जहां प्राथमिक उपचार कराया गया। डॉक्टर्स की सलाह पर उसे SMS अस्पताल रेफर किया गया। एएसपी मनोज कुमार गुप्ता और आरोपी के भाई सुरेश कुमार माल्या के साथ उसे SMS अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। वहीं, ACB की शेष टीम मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है। आरोपी की दोनों किडनी फेल, रोजाना होता है डायलिसिस एएसपी मनोज कुमार गुप्ता ने बताया कि एसीबी ने शुक्रवार करीब 10:00 बजे काले हनुमान जी के सामने वाली सड़क से ट्रैप की कार्रवाई की। यहीं पर आरोपी और परिवादी मिलने वाले थे। आरोपी जिस गाड़ी से आया था उस गाड़ी को उसका ड्राइवर चला रहा था। आरोपी उस गाड़ी की फ्रंट सीट पर बैठा था। इस दौरान परिवादी ने जैसे ही आरोपी को रिश्वत की राशि दी तो एसीबी ने तुरंत रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने बताया कि आरोपी की दोनों किडनी फेल है और इसका रोजाना डायलिसिस होता है। एसीबी की कार्रवाई के दौरान ही आरोपी की तबीयत खराब हो गई। जिसके बाद उसे पहले गणगौरी हॉस्पिटल ले जाया गया, फिर डॉक्टर के रेफर करने पर सवाई मानसिंह हॉस्पिटल के SSB बिल्डिंग में नेफ्रोलोजी डिपार्टमेंट में शिफ्ट किया गया। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में होगा अनुसंधान ADG, ACB स्मिता श्रीवास्तव और IG एस. परिमला के सुपरविजन में मामले की आगे की कार्रवाई जारी है। ACB ने बताया कि मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच की जाएगी।