'प्रदेश में 4 फेज में पंचायत चुनाव कराना बीजेपी का षड्यंत्र है'...पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के इस बयान का सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने पलटवार किया है। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में उन्होंने कहा- कांग्रेस के नेताओं की सोच इतनी नीचे कैसे है? चुनाव कराना आयोग का काम है, सरकार का नहीं है। निकाय चुनाव में हार से कांग्रेस बौखला गई है। इसलिए ऐसे बयान दे रहे हैं। 4 फेज में चुनाव कराना सरकार की मजबूरी है या प्लानिंग का हिस्सा है। मंत्री ने खुलकर बात की है। मंडे स्पेशल स्टोरी में पढ़िए पूरा इंटरव्यू… सवाल : पूर्व CM अशोक गहलोत का आरोप है कि किडनैपिंग को बढ़ावा देने के लिए सरकार 4 फेज में चुनाव करवा रही है? जवाब : मुझे तो ताज्जुब होता है कि कांग्रेस के नेताओं की सोच इतनी नीचे कैसे है? इससे पहले कभी 4 फेज में चुनाव नहीं हुए क्या? इतना बड़ा प्रदेश है। लगभग 8 करोड़ की आबादी है। कानून व्यवस्था को ध्यान रखते हुए ही राज्य निर्वाचन आयोग ने 4 फेज में चुनाव करवाने का निर्णय लिया होगा। अलग-अलग चरण में चुनाव पहले भी होते रहे हैं, इस बार भी होंगे। सीएम भजनलाल शर्मा ने 'वन स्टेट-वन इलेक्शन' कराकर राज्य को अनावश्यक खर्च और समय की बर्बादी से रोका है। सरकार चाहती है कि सरकारी मशीनरी का सही उपयोग हो। सवाल : पंचायती राज चुनाव 4 फेज में कराने से क्या किडनैपिंग, बाड़ाबंदी और खरीद-फरोख्त को बढ़ावा नहीं मिलेगा? जवाब : ऐसा नहीं है। बीजेपी बाड़ाबंदी में विश्वास नहीं करती है। हमारा प्रशिक्षण वर्ग होता है। कार्यकर्ता के नाते वहां उसे प्रशिक्षण दिया जाता है। पार्टी की नीतियों के बारे में बताया जाता है। केंद्र और राज्य की योजनाओं के बारे में जानकारी दी जाती है। ताकि कैंप के बाद कार्यकर्ता अपने क्षेत्र में जाकर योजनाओं का प्रचार-प्रसार कर सकें। इसमें बाड़ाबंदी और किडनैपिंग जैसी बात नहीं है। सवाल : क्या राज्य निर्वाचन आयोग सरकार के इशारे पर काम कर रहा है? जवाब : राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव करवाता है। चुनाव कितने फेज में होंगे, यह भी आयोग ही तय करता है। सरकार तय नहीं करती है। इसमें सरकार की कोई भूमिका नहीं होती है। राज्य निर्वाचन आयोग एक स्वायत्त संवैधानिक संस्था है। देश में स्वायत्तशासी संस्थाओं को सबसे ज्यादा स्वतंत्रता बीजेपी के शासन में ही मिली है। कांग्रेस ने सबसे ज्यादा संवैधानिक संस्थाओं की धज्जियां उड़ाई और अपमान किया था। सवाल : चर्चा है कि सरकार के खिलाफ क्या माहौल है, यह जानने के लिए 4 फेज में चुनाव करवाए जा रहे हैं? जवाब : कांग्रेस नेताओं के पास चुनाव से पहले रटे-रटाए सवाल होते हैं। भ्रम फैलाने का प्रयास करते हैं। लेकिन पंचायत चुनाव में कांग्रेस सफल नहीं होगी। मुझे लगता है कांग्रेस के नेताओं को सिर्फ बयानबाजी करनी होती है। इनको पता है कि हारेंगे, इसलिए पहले से ही वो बहाना ढूंढ रहे हैं। हम तो एक पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से चुनाव कराना चाहते हैं। नगर निकाय के चुनाव दो चरण में थे। अब पंचायत चुनाव 4 चरण में हैं। सवाल : क्या सरकार के खिलाफ कोई एंटी इनकंबेसी है? जवाब : कांग्रेस नेता तो नगर निकाय चुनाव से पहले भी कह रहे थे कि सरकार के खिलाफ एंटी इनकंबेसी है। शहर की जनता ने बीजेपी को जिताकर सरकार के काम को मुहर लगा दी है। अब बताइए, कहां एंटी इनकंबेसी है? कांग्रेस नेता बयानबाजी से ही चाहते हैं कि वे चुनाव जीत जाएं। बयानबाजी से चुनाव नहीं जीता जाता है। पूर्व सीएम खुद के क्षेत्र में चुनाव हार गए। उसके बाद बीजेपी को कोसना, ईवीएम के दुरुपयोग के आरोप कांग्रेस पहले भी लगाती रही है। मुझे लगता है कि पंचायत चुनाव के बाद भी इनकी स्थिति ऐसी ही होने वाली है। ये ही आरोप फिर से दोहराए जाएंगे। सवाल : ग्रामीण क्षेत्रों में कांग्रेस मजबूत मानी जाती है, बीजेपी की क्या रणनीति है? जवाब : ये कांग्रेस वाले इस तरह की बातें करते हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों में हम मजबूत हैं। ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। पौने तीन साल में मुख्यमंत्री ने प्रदेश में जो काम किए हैं, उन्हीं को लेकर सरकार जनता के बीच जाएगी। चुनाव जीतेंगे। प्रदेश में हर बार सरकार बदलने का ट्रेंड रहा है। इस बार यह मिथक टूटेगा। एक बार फिर से बीजेपी की सरकार बनेगी। क्योंकि हमने प्रदेश में काम किया है। सवाल : किस आधार पर कह रहे हैं कि पंचायत चुनाव में बीजेपी जीतेगी? जवाब : सीएम भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में सरकार ने प्रदेश में विकास कार्य करवाए हैं। सरकार की उपलब्धियां और काम को लेकर ग्रामीणों के बीच जाएंगे। प्रत्येक जिला और पंचायत समितियों में जिस तरह से काम हुए हैं। प्रदेश में 4 हजार से ज्यादा नई ग्राम पंचायतें बनी हैं। पंचायत समितियां बनी हैं। हम ग्रामीण जनता के बीच रोडमैप लेकर जाएंगे। पौने तीन साल में मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार कैंप किए, उससे ग्रामीणों को राहत मिली है। पूर्व सीएम गहलोत ने क्या आरोप लगाए थे? राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने 4 अक्टूबर को मीडिया से बात की। आरोप लगाया कि प्रदेश में 4 फेज में पंचायत चुनाव कराना बीजेपी का षड्यंत्र है। जिससे पंचायत समिति और जिला परिषद के सदस्यों को किडनैपिंग का अवसर मिल सके। गहलोत ने कहा- 'वन स्टेट-वन इलेक्शन' की बात तो देखिए, उसको हम कंपेयर नहीं कर सकते। नगर निकाय में तो अलग-अलग फेज में चुनाव हुए थे। इसलिए वन स्टेट-वन इलेक्शन की तो बात हो गई। इलेक्शन कमीशन ने कुछ सोच-समझकर फैसला किया होगा। अगर सरकार की सलाह से किया होगा, जिससे इनको लाभ मिल जाए किडनैपिंग करने का। जीते हुए पंचायत समिति और जिला परिषद के मेंबरों को। ये अगर इनका षडयंत्र है तो सामने आ जाएगा। ऐसा मेरा मानना है।