जयपुर महानगर प्रथम की स्थायी लोक अदालत ने एसबीआई बैंक (हाईकोर्ट ब्रांच) पर 32 हजार का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना बिजली बिल जमा नहीं होने और बैंक से रुपए कटने के मामले में स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष मनोज कुमार सहारिया की बैंच ने प्रमेन्द्र कुमार तोमर के परिवाद को निस्तारित करते हुए लगाया। आदेश में कहा गया कि बैंक ने इस मामले में गंभीर सेवा दोष और अनुचित व्यवहार किया है। बैंच ने बैंक को 21 हजार रुपए मानसिक पीड़ा और 11 हजार रुपए खर्चे के परिवादी को देने के निर्देश दिए हैं। वहीं, फेल हुई राशि परिवाद दर्ज करने की तारीख से 7 प्रतिशत ब्याज के साथ लौटाने के लिए भी कहा है। बिजली बिल फेल होने पर राशि नहीं लौटाई परिवाद में बताया गया था कि परिवादी ने 22 अप्रेल 2022 को भीम ऐप से 4507 रुपए का बिजली बिल जमा कराया था। उसके खाते से राशि कट गई, लेकिन स्टेटस फेल शो हुआ। उसने बैंक के कस्टमर केयर में संपर्क किया तो कहा गया कि यह राशि स्वत रिफंड हो जाएगी। तय समय पर भी रिफंड नहीं आया। परिवादी ने बिजली विभाग में संपर्क किया तो उसे बताया गया कि बिजली जमा नहीं हुआ है। इस पर परिवादी को 83 रुपए पेनल्टी के साथ बिल जमा करवाना पड़ा। शिकायत के बाद भी बैंक ने कार्रवाई नहीं की इसके बाद परिवादी ने बैंक को ई-मेल के जरिए शिकायत भेजी, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। बिजली विभाग ने भी 12 दिसंबर 2022 को परिवादी सहित कई अन्य उपभोक्ताओं के भुगतान फेल होने संबंधी पत्र बैंक को लिखाया, लेकिन बैंक की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया। इस व्यवहार को स्थायी लोक अदालत ने गंभीर सेवादोष और अनुचित व्यवहार मानते हुए बैंक पर जुर्माना लगाया हैं।