वैदिक सनातन जनकल्याण चैरिटेबल ट्रस्ट, जयपुर की ओर से आयोजित मातृ शक्ति सम्मान समारोह, लहरिया महोत्सव और बुजुर्ग महिला सम्मान समारोह में धर्म, संस्कृति, संस्कार और नारी शक्ति का सुंदर संगम देखने को मिला। सोमवार शाम आयोजित समारोह में मातृशक्ति के योगदान, वरिष्ठ महिलाओं के सम्मान और भारतीय परंपराओं के संरक्षण को लेकर वक्ताओं ने अपने विचार साझा किए। मातृशक्ति को सम्मान, संस्कारों को संबल कार्यक्रम की मुख्य अतिथि मधु भट्ट तैलंग रहीं। कार्यक्रम के मुख्य आयोजक पंडित हरिशंकर बीलवाल और संयोजक आचार्य योगेश पारीक, अध्यक्ष वेद स्वाध्याय पीठ गुरुकुल रहे। मुख्य आयोजक पंडित हरिशंकर बीलवाल ने कहा कि आयोजन का उद्देश्य धर्म, संस्कार और भारतीय संस्कृति की रक्षा के साथ समाज में सेवा भावना एवं राष्ट्रभाव को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि नारी का सम्मान केवल सामाजिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और संस्कारों का सम्मान है। संस्था की ओर से भविष्य में युवाओं और बच्चों में संस्कार विकसित करने तथा सेवा कार्यों का विस्तार करने के लिए प्रयास जारी रहेंगे। महिला सम्मान, स्वास्थ्य और शिक्षा पर रखे विचार समारोह में डॉ. सीमा गौतम, डॉ. मीना गौतम, अमिता बैराठी, सीमा पारीक, तरु जोशी, मीनू पारीक, डॉ. सरोज शर्मा, मंजू मेहरा, स्नेहलता शर्मा, पूनम आचार्य, यशोदा नेगी और ज्योति खंडेलवाल ने महिला सम्मान, स्वास्थ्य, शिक्षा, संस्कार, सामाजिक सेवा और भारतीय संस्कृति से जुड़े विषयों पर विचार रखे। धर्म, संस्कृति और सेवा का संदेश संयोजक आचार्य योगेश पारीक ने कहा कि मातृशक्ति सम्मान, वृद्ध महिला सम्मान और लहरिया महोत्सव के माध्यम से धर्म, संस्कृति, सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश समाज तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कार्यक्रम में शामिल सभी अतिथियों, वक्ताओं और उपस्थितजनों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन समाज, संस्कृति और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करने के संकल्प के साथ हुआ।