जयपुर के सवाई मानसिंह हॉस्पिटल (SMS) के चरक भवन में छत का पंखा गिरने से एक महिला घायल हो गई। करीब आधे घंटे तक महिला और उसके परिजन इलाज के लिए इंतजार करते रहे। आधे घंटे बाद एम्बुलेंस उसे ट्रोमा सेंटर लेकर गई, जहां प्राथमिक उपचार के बाद महिला को वापस भेज दिया गया। इलाज के दौरान महिला के सिर में 12 से ज्यादा टांके आए हैं। घटना पर बात करने से जिम्मेदार अधिकारी बचते नजर आए। घटना सोमवार देर शाम करीब 6 बजे चरक भवन के ENT वार्ड की है। ये है मामला दरअसल, चरक भवन के ENT वार्ड में संतोष नाम की महिला के कान का ऑपरेशन हुआ था। उसकी कुशलझेम जानने उसकी बहन रेणु वहां पहुंची थी। रेणु वार्ड में मरीज के बैड के पास एक टेबल पर बैठी थी की तभी छत का पंखा अचानक रेणु के सिर पर आ गिरा। घटना के बाद वार्ड में चीख-पुकार मच गई। सिर पर पंखा गिरने से रेणु के सिर से खून बहने लगा, जिसे देखकर रेणु के साथ मौजूद उनके परिजन घबरा गए। घटना के बाद करीब 10-15 मिनट परिजन मौके पर ही इलाज का इंतजार करते रहे, लेकिन इलाज नहीं मिला तो वार्ड में मौजूद नर्सिंग कर्मचारियों ने एम्बुलेंस बुलाई। सूचना के करीब आधे घंटे बाद एंबुलेंस आई और घायल को ट्रोमा सेंटर लेकर पहुंची। इलाज के दौरान घायल के सिर में 12 से ज्यादा टांके आए। इसके बाद ट्रोमा सेंटर में महिला को भर्ती करने के बजाय डॉक्टरों ने वापस घायल को चरक भवन उनकी बहन के पास भेज दिया। इलाज के बाद ट्रोमा सेंटर के डॉक्टरों ने मेडिसिन डिपार्टमेंट में भर्ती के लिए सिफारिश की, लेकिन भर्ती नहीं किया और चरक भवन भेज दिया। मेडिसिन से डॉक्टर के आने और देखने के बाद आगे का ट्रीटमेंट होने का भरोसा दिलाया। लेकिन सुबह 11 बजे तक कोई डॉक्टर घायल महिला को देखने नहीं आया। लापरवाही पर जिम्मेदारों की चुप्पी ये हादसा हॉस्पिटल की इलेक्ट्रिकल एवं मेंटेनेंस व्यवस्था पर भी सवाल खड़ा कर रहा है। जहां मरीज अपना इलाज करवाने आ रहा है, वहां उसी की जान का खतरा मंडरा रहा है। हॉस्पिटल में लगे पंखे, अन्य इलेक्ट्रिकल उपकरणों की नियमित जांच और सेफ्टी को लेकर पीडब्ल्यूडी और बिजली विभाग के इंजीनीयरों और कर्मचारियों की पूरी विंग है। घटना के बाद से जिम्मेदार अधिकारी भी अब तक चुप हैं। यदि समय रहते इन पर ध्यान नहीं दिया तो ऐसे हादसे आगे भी होने की आशंका है। पिछले साल छत गिरने से घायल हुए थे दो मरीज इसी तरह की घटना मई 2025 में भी मैन बिल्डिंग स्थित सर्जरी डिपार्टमेंट के वार्ड में हुई थी। तब यहां छत का प्लास्टर और मलबा अचानक नीचे गिर गया था, जिसके कारण भर्ती हुए दो मरीज बुरी तरह घायल हो गए थे। -- ये खबर भी पढ़ें.. 10 मिनट तक ऑक्सीजन सिलेंडर को तरसती रही प्रेग्नेंट महिला:कोमा में वेंटिलेटर सपोर्ट पर SMS हॉस्पिटल हुई थी रेफर; परिजनों का हंगामा जयपुर के SMS हॉस्पिटल के इमरजेंसी गेट पर गर्भवती महिला को 10 मिनट तक ऑक्सीजन सिलेंडर और वार्ड बॉय का इंतजार करना पड़ा। चांदपोल स्थित जनाना अस्पताल से कोमा की स्थिति में महिला को वेंटिलेटर सपोर्ट पर रेफर किया गया था। इससे नाराज परिजनों ने हंगामा कर दिया। मामला बुधवार दोपहर करीब 3 बजे का है। (पूरी खबर पढ़ें)