जैसलमेर जिले के पोकरण क्षेत्र के रहने वाले अग्निवीर गोपाल सिंह भाटी (19) का मंगलवार को हार्ट अटैक से निधन हो गया। वे दो महीने पहले ही अग्निवीर भर्ती हुए थे। दिल्ली में भारतीय सेना की ट्रेनिंग ले रहे थे। बुधवार सुबह अग्निवीर का पार्थिव शरीर सांकड़ा थाना क्षेत्र में उनके पैतृक गांव बोनाड़ा पहुंचा। सैन्य सम्मान से उनका अंतिम संस्कार किया गया। बड़े भाई वीरेंद्र सिंह ने नम आंखों से गोपाल सिंह को मुखाग्नि दी। गोपाल सिंह के पिता और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। अग्निवीर की अंतिम यात्रा में हजारों की संख्या में ग्रामीण और आसपास के लोग शामिल हुए। सोते वक्त हुआ था सीने में दर्द जानकारी के अनुसार, गोपाल सिंह भाटी को सोते समय मंगलवार सुबह करीब 5 बजे अचानक सीने में तेज दर्द शुरू हुआ। साथी जवानों ने तुरंत उन्हें नजदीकी आर्मी बेस हॉस्पिटल पहुंचाया, वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। निधन की वजह साइलेंट अटैक बताई। सेना के अधिकारियों ने गोपाल सिंह के परिवार को सूचना दी। परिजन तुरंत दिल्ली के लिए रवाना हुए। दिल्ली में जरूरी सैन्य प्रक्रियाओं और पोस्टमॉर्टम के बाद बुधवार तड़के पार्थिव शरीर को सेना के विशेष वाहन (ट्रक) से उनके पैतृक गांव के लिए रवाना किया गया। बुधवार सुबह करीब 10 बजे जैसे ही सेना का ट्रक गांव पहुंचा, पूरा इलाका 'गोपाल सिंह अमर रहे' के नारों से गूंज उठा। विधायक ने श्रद्धांजलि दी, परिवार को संभाला पोकरण विधायक महंत प्रतापपुरी और पूर्व विधायक सांग सिंह भाटी ने श्मशान घाट पहुंचकर अग्निवीर के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित किए। उन्होंने परिवार को ढांढस बंधाया और सरकार व प्रशासन की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। प्रशासनिक और सेना के अधिकारियों ने भी श्रद्धांजलि दी। पिता और भाई करते हैं खेती गोपाल सिंह भाटी के परिवार में माता-पिता, दो बहनें और एक बड़ा भाई है। बड़ी बहन की शादी हो चुकी है। छोटी बहन, बड़ा भाई और माता-पिता गांव में ही रहते हैं। पिता चुतर सिंह और बड़ा भाई वीरेंद्र सिंह गांव में ही खेती-बाड़ी करते हैं।