जैसलमेर शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में फर्जी दस्तावेजों के जरिए जमीन की रजिस्ट्री कराने के मामले में पुलिस रिमांड पर लिए गए 68 साल के आरोपी की जोधपुर में इलाज के दौरान मौत हो गई। मंगलवार को पूछताछ के दौरान रात करीब 8:15 बजे अचानक तबीयत बिगड़ने पर उसे जैसलमेर के राजकीय जवाहिर अस्पताल ले जाया गया था। प्राथमिक उपचार के बाद उसे जोधपुर रेफर किया गया। जहां 14 अक्टूबर की सुबह करीब 5:45 उसने दम तोड़ दिया। मृतक की पहचान हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के निवासी नरेश कुमार के रूप में हुई है। घटना के बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। फर्जी दस्तावेजों से जमीनी हड़पने का आरोप शहर कोतवाल प्रेमाराम विश्नोई ने बताया- कोतवाली थाने में नरेश कुमार के खिलाफ 7 जुलाई 2026 को मामला दर्ज था। परिवादी ने आरोप लगाया था कि आरोपी ने धोखाधड़ी कर पोंग बांध विस्थापित को आवंटित की गई कीमती जमीन को फर्जी दस्तावेजों के सहारे हड़पने का प्रयास किया। इस मामले में पुलिस ने 12 अक्टूबर को नरेश कुमार को गिरफ्तार किया था। इसके बाद 13 अक्टूबर को उसे अदालत में पेश किया गया। जहां से न्यायालय ने आरोपी का पुलिस रिमांड मंजूर किया था। पूछताछ के दौरान सीने और पेट में तेज दर्द हुआ था पुलिस के अनुसार, 13 अक्टूबर की रात करीब 8:15 बजे पूछताछ के दौरान नरेश कुमार की अचानक तबीयत बिगड़ गई। उसने सीने और पेट में तेज दर्द होने की शिकायत की। स्थिति गंभीर होने पर पुलिसकर्मी उसे तुरंत राजकीय जवाहिर अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी नाजुक हालत को देखते हुए उसे 108 एंबुलेंस से जोधपुर रेफर कर दिया। इलाज के दौरान सुबह 5:45 बजे मौत हुई नरेश कुमार का जोधपुर के मथुरादास माथुर (एमडीएम) अस्पताल में इलाज चल रहा था। 14 अक्टूबर की सुबह करीब 5:45 बजे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया की जा रही है। मौत के कारणों और अन्य परिस्थितियों के संबंध में आधिकारिक जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।