जैसलमेर के एसएम पब्लिक स्कूल में राज्य सरकार के ‘सही खान-पान, स्वस्थ राजस्थान’ कैंपेन के तहत एक खास अवेयरनेस सेशन रखा गया। 3 से 16 अक्टूबर तक चलने वाले इस कैंपेन में फूड सेफ्टी ऑफिसर्स ने स्टूडेंट्स को जंक फूड के नुकसान और पर्सनल हाइजीन के बारे में समझाया गया। बच्चों को फास्ट फूड छोड़कर अपनी डाइट में फल, हरी सब्जियां, दूध-दही और मिलेट्स (मोटा अनाज) शामिल करने की सलाह दी गई। सेशन के एंड में सभी स्टूडेंट्स को 'ईट राइट’ की शपथ दिलाई गई, जिसमें उन्होंने खुद हेल्दी रहने और फैमिली को भी अवेयर करने की शपथ ली। पैकेट खरीदने से पहले चेक करें एक्सपायरी और FSSAI नंबर फूड सेफ्टी ऑफिसर डॉ. गणेशाराम सुथार, कीर्तिपाल सिंह भाटी और डॉ. स्वरूप चारण ने स्टूडेंट्स को स्मार्ट शॉपिंग के टिप्स दिए। उन्होंने बताया कि कोई भी पैकेट में बंद खाना खरीदते समय उस पर FSSAI नंबर, मैन्युफैक्चरिंग डेट, एक्सपायरी डेट और न्यूट्रिशन वैल्यू चेक करना कितना जरूरी है। अक्सर बच्चे बिना लेबल पढ़े स्नैक्स खरीद लेते हैं, जो हेल्थ के लिए डेंजरस हो सकता है। 'आज से थोड़ा कम': नमक, चीनी और तेल से दूरी ऑफिसर्स ने बच्चों को ‘आज से थोड़ा कम’ का सिंपल फॉर्मूला दिया। इसका मतलब है कि अपने डेली रूटीन में नमक, चीनी और ज्यादा तेल वाले खाने की मात्रा को धीरे-धीरे कम करना है। ज्यादा फैट और शुगर वाले खाने से छोटी उम्र में ही सुस्ती, मोटापा और कई तरह की बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है। पर्सनल हाइजीन और हेल्दी टिफिन पर फोकस इस सेशन में सिर्फ खाने पर ही नहीं, बल्कि पर्सनल हाइजीन पर भी बात हुई। बच्चों को सही तरीके से हैंड वॉश करने की हैबिट डालने को कहा गया। साथ ही, स्कूल में रोजाना 'हेल्दी टिफिन' लाने के लिए मोटिवेट किया गया, ताकि घर के बने पौष्टिक खाने की आदत बनी रहे। फैमिली के लिए भी बनेंगे रोल मॉडल अधिकारियों ने कहा- आज के बच्चे अगर स्मार्ट फूड चॉइस बनाना सीख जाएं, तो वे अपने पूरे परिवार की ईटिंग हैबिट्स बदल सकते हैं। कार्यक्रम के दौरान एक मजेदार सवाल-जवाब सेशन भी हुआ, जिसमें स्टूडेंट्स ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी डाइट से जुड़े डाउट्स क्लियर किए। इस सैशन में जिला कलेक्टर अनुपमा जोरवाल और CMHO डॉ. मुरलीधर सोनी ने बच्चों को गाइड किया।