जैसलमेर में मानसूनी बादलों की बेरुखी और कमजोर गतिविधियों के चलते मौसम का मिजाज एक बार फिर तीखा हो गया है। इसके साथ ही जैसलमेर इन दिनों प्रदेश में सबसे गर्म शहर बना हुआ है, जहां लगातार चढ़ते पारे ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। आसमान में सुबह से ही बादलों की आवाजाही तो बनी रहती है, लेकिन बिना बरसे ही बादलों के आगे निकल जाने के कारण जिलेवासियों को राहत की बजाय भीषण गर्मी, चुभती धूप और उमस का सामना करना पड़ रहा है। दिनभर की तेज धूप ने आमजन को पूरी तरह बेहाल कर दिया है, जिससे सामान्य जनजीवन भी प्रभावित हो रहा है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अगले चार से पांच दिनों तक पश्चिमी राजस्थान और जैसलमेर क्षेत्र में बारिश के लिए कोई भी नया सिस्टम सक्रिय होने की उम्मीद नहीं है। आसमान में हल्के बादल भले ही तैरते नजर आएं, लेकिन बारिश की कोई अनुकूल संभावना दूर-दूर तक नजर नहीं आ रही है। तापमान और उमस का हाल मौसम विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को जैसलमेर का अधिकतम तापमान 40.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 30.6 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। इस तीव्र गर्मी और नमी के मिले-जुले असर से वातावरण में उमस बनी हुई है, जिससे पंखे और कूलर भी बेअसर साबित हो रहे हैं। दिन के समय सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है और लोग जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकल रहे हैं। किसानों की बढ़ी चिंताएं और फसलों पर संकट बारिश के लंबे समय से खींचने के कारण जिले के अन्नदाताओं की सांसे अटकने लगी हैं। खेतों में दूर-दूर तक फैली खरीफ की फसलें पानी के अभाव में दम तोड़ती नजर आ रही हैं। किसानों का कहना है कि इस समय बाजरा, मोठ और ग्वार जैसी फसलों को जीवनदायिनी बारिश की सख्त दरकार है। यदि आने वाले कुछ दिनों में बारिश नहीं हुई, तो खेतों में खड़ी फसलें पूरी तरह सूख सकती हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। मौसम का आगामी पूर्वानुमान मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अगले चार से पांच दिनों तक पश्चिमी राजस्थान और जैसलमेर क्षेत्र में बारिश के लिए कोई भी नया सिस्टम सक्रिय होने की उम्मीद नहीं है। आसमान में हल्के बादल भले ही तैरते नजर आएं, लेकिन बारिश की कोई अनुकूल संभावना दूर-दूर तक नजर नहीं आ रही है। ऐसे में तापमान में अभी और बढ़ोतरी हो सकती है तथा लोगों को इस भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए अभी और लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।