जालोर नगर निकाय चुनाव में पार्षद बनने के लिए भाजपा और कांग्रेस में दावेदार आवेदन जमा करवा रहे हैं। भाजपा में मंगलवार को भी आवेदन जमा होने का सिलसिला जारी रहा। अब दोनों दलों ने आवेदन फार्मों की जांच और छंटनी शुरू करने के साथ टिकट को लेकर विचार-विमर्श शुरू कर दिया है। जालोर नगर परिषद के 40 पार्षद पदों के लिए 9 सितंबर को चुनाव होंगे और 27 अगस्त से नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे। दोनों दलों ने बनाई कमेटियां नगर निकाय चुनाव को लेकर भाजपा और कांग्रेस ने टिकट तय करने के लिए कमेटियां बनाई हैं। दोनों दलों की प्राथमिकता जीतने वाले यानी जिताऊ उम्मीदवारों को मैदान में उतारने की है। इसके लिए लगातार अलग-अलग टीमों से सर्व कराया जा रहा है। चुनाव को लेकर कई वार्डों में 8 से 10 आवेदन आए हैं। ऐसे में कांग्रेस और भाजपा के कई दिग्गज भी अपने-अपने समीकरण बैठाने में लगे हुए हैं। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही नगर परिषद में अपना बोर्ड बनाने का दावा कर रही हैं। पूर्व सभापति गोविंद टांक फिर वार्ड-18 से दावेदार पूर्व सभापति गोविंद टांक एक बार फिर अपने वार्ड नंबर-18 से दावेदारी कर रहे हैं और चुनाव की तैयारी में लगे हैं। हालांकि पिछले बोर्ड में सभापति रहने के दौरान विकास नहीं होने को लेकर लोगों में उनके प्रति नाराजगी भी देखी जा रही है। कांग्रेस को मिले करीब 380 आवेदन कांग्रेस जिला प्रवक्ता योगेन्द्र सिंह ने बताया कि पार्टी के पास करीब 380 आवेदन आ चुके हैं। अभी ऑनलाइन प्रक्रिया वाले फार्म भी लिए जा रहे हैं। ऑनलाइन कितने आवेदन आए हैं, इसकी जानकारी स्थानीय स्तर पर नहीं है। इसकी जानकारी प्रदेश स्तर पर है। कांग्रेस पार्टी में टिकट के दावेदारों की लंबी कतार है। पार्टी कार्यालय में पिछले तीन दिनों में 380 आवेदन पत्र जमा हुए हैं। हालांकि दावेदारों की असली संख्या इससे भी अधिक है, क्योंकि बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के ऑनलाइन पोर्टल पर भी सीधे आवेदन जमा करवाए हैं। जिन कार्यकर्ताओं ने पीसीसी पोर्टल के जरिए ऑनलाइन आवेदन किया है, उनकी सूची पीसीसी से मांगी जा रही है। पार्टी कार्यालय में जमा फार्मों और पीसीसी से मिलने वाली ऑनलाइन सूची को मिलाकर कोर कमेटी फार्मों की छंटनी करेगी। कांग्रेस नामों का पैनल पीसीसी को भेजेगी कांग्रेस प्रवक्ता योगेन्द्र सिंह ने बताया कि जो नाम आए हैं, उनको वरीयता के आधार पर पैनल बनाकर पीसीसी को भेजा जाएगा। वहां से प्रत्याशियों के नाम जारी किए जाएंगे। योगेन्द्र सिंह ने कहा कि इस बार सरकार के प्रति लोगों का गुस्सा है। उन्होंने कहा कि सबका मन बन गया है कि कांग्रेस का बोर्ड बनाएंगे। भाजपा सरकार विकास तो दूर की बात है, मूलभूत सुविधाएं भी नहीं दे पा रही है। कांग्रेस प्रभारी बोलीं- ऑनलाइन आवेदन नहीं किया तो टिकट नहीं कांग्रेस जालोर प्रभारी सुमन यादव ने कहा कि जिसने ऑनलाइन आवेदन नहीं किया, उसे टिकट नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि पिछली बार जीतकर पार्षद बन गया हो, यह जरूरी नहीं है कि इस बार भी उसे टिकट दिया जाए। उन्होंने बताया कि सभी कार्यकर्ताओं के साथ वार्डों में जाकर मिलकर तैयारी की जा रही है। बड़ी संख्या में लोगों ने दावेदारी की है। उन्होंने कहा कि लोग भाजपा की नीतियों के खिलाफ नाराज हैं और इस बार बदलाव चाहते हैं। जन अभियोग निराकरण समिति के पूर्व अध्यक्ष पुखराज पाराशर ने कहा कि कांग्रेस से किसी सरकारी कर्मचारी के परिवार के सदस्यों को टिकट मिलता है तो पहले पक्का विश्वास देना पड़ेगा। उसके बाद टिकट देना पड़ेगा, ताकि वह बिक नहीं जाए। उन्होंने कहा कि सरकार भाजपा की है, इसलिए सरकार ऐसे उम्मीदवार को प्रेशर करेगी। भाजपा में 306 से ज्यादा आवेदन भाजपा नगर अध्यक्ष रवि सोलंकी ने बताया कि पार्टी के पास 306 से ज्यादा आवेदन आ चुके हैं। भाजपा कार्यालय में पिछले तीन दिनों में 306 से ज्यादा दावेदारों ने अपने आवेदन फॉर्म जमा करवाए हैं। पार्टी की स्थानीय कोर कमेटी अब इन सभी फार्मों की जांच-पड़ताल में जुटी है। भाजपा की रणनीति के अनुसार कोर कमेटी 40 वार्डों के लिए प्रत्येक वार्ड से मजबूत दावेदारों के नाम तय करेगी। इसके बाद संभावित प्रत्याशियों की एक सूची तैयार की जाएगी। भाजपा नाम जयपुर भेजेगी भाजपा की ओर से तैयार की जाने वाली संभावित प्रत्याशियों की सूची जयपुर स्थित उच्चाधिकारियों के पास भेजी जाएगी। जयपुर में वरिष्ठ नेताओं की ओर से जमीनी स्तर पर फीडबैक और एनालिसिस के बाद अंतिम प्रत्याशियों के नामों की घोषणा की जाएगी। निकाय चुनाव को लेकर भाजपा ने नए भाजपा कार्यालय का भी शुभारंभ किया है। भाजपा प्रवक्ता बोले- एक भी कार्यकर्ता बागी नहीं होगा भाजपा जिला प्रवक्ता दिनेश महावर ने बताया कि भाजपा कार्यकर्ता आवेदन करने के साथ यह कह रहे हैं कि उन्हें टिकट मिलती है तो अच्छी बात है। अगर टिकट नहीं मिलती है तो भाजपा जिसे उम्मीदवार बनाएगी, सभी कार्यकर्ता उसके साथ हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि एक भी कार्यकर्ता बागी नहीं बनेगा। सभी को विश्वास है कि भाजपा का बोर्ड बनने जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा-हमेशा के लिए शहर से अलविदा हो गई है। दोनों दलों के दावेदारों की नजर टिकट पर नगर परिषद के 40 वार्डों में कब्जा जमाने के लिए दोनों दल सावधानी से कदम रख रहे हैं। स्थानीय स्तर पर गुटबाजी से बचते हुए केवल मजबूत जनाधार वाले चेहरों को प्राथमिकता दी जा रही है। फिलहाल आवेदन फार्मों की जांच और छंटनी के बाद नामों की सूची तैयार कर आगे भेजने की तैयारी चल रही है। इसके साथ ही टिकट के दावेदारों की नजर अब दोनों दलों की ओर से जारी होने वाली प्रत्याशियों की सूची पर है। भाजपा जयपुर भेजेंगी नाम भाजपा कार्यालय में पिछले तीन दिनों के भीतर 306 से ज्यादा दावेदारों ने अपने आवेदन फॉर्म जमा कराए हैं। पार्टी की स्थानीय कोर कमेटी अब इन सभी फार्मों की गहन जांच-पड़ताल में जुटी हुई है। भाजपा की रणनीति के अनुसार कोर कमेटी 40 वार्डों के लिए प्रत्येक वार्ड से मजबूत दावेदारों के नाम तय करेगी। संभावित प्रत्याशियों की एक सूची तैयार की जाएगी। इस सूची जयपुर स्थित उच्चाधिकारियों के पास भेजा जाएगा। जयपुर में वरिष्ठ नेताओं द्वारा जमीनी स्तर पर फीडबैक और एनालिसिस के बाद ही अंतिम प्रत्याशियों के नामों की घोषणा की जाएगी। दावेदारों की सांसें अटकी नगरपरिषद के 40 वार्डों में कब्जा जमाने के लिए दोनों ही दल फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं। स्थानीय स्तर पर गुटबाजी से बचते हुए केवल मजबूत जनाधार वाले चेहरों को ही प्राथमिकता दी जा रही है। फिलहाल सूची जयपुर भेजने की तैयारी के साथ ही दावेदारों की धड़कनें तेज हो गई है। जन अभियोग निराकरण समिति के पूर्व अध्यक्ष पुखराज पाराशर ने कहां कि कांग्रेस से किसी सरकारी कर्मचारी के परिवार के सदस्यों को टिकट मिले तो पहले पक्का विश्वास देना पड़ेगा। उसके बाद टिकट देना पड़ेगा। ताकि वह बिक नहीं जाए। क्योकि सरकार ही बिजेपी की हैं। इस लिए सरकार ऐसे उम्मीदवार को प्ररेसर करेंगी। कांग्रेस जालोर प्रभारी सुमन यादव ने कहां कि जिसने ऑनलाइन आवेदन नहीं किया उसे टिकट नहीं मिलेगा। उन्होंने कहां जो पिछली बार जीतकर पार्षद बना कर जरूरी नहीं कि इस बार भी उसे टिकट दिया जाए। सभी कार्यक्रर्ता के साथ वार्डा में जाकर मिल कर तैयारी की जा रही हैं। बड़ी संख्या में लोग दावेदारी की हैं। उन्होंने बताया कि भाजपा की नीतियों के खिलाफ नाराज है इस बार बदलाव चाहती हैं।