जालोर के ग्राम पंचायत बावतरा में ग्रामीणों ने सोमवार की शाम करीब 4 बजे जिला कलेक्ट्रेट पर विरोध जताया है। उन्होंने से प्रदर्शन पुनर्गठन और सीमांकन में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए किया। जिसमें गढ़ बावतरा, सरदारपुरा, गोमाजी का बेरा और जेतेश्वर नगर, बलूजी का बेरा (उगमणावास) के ग्रामीण शामिल रहे। इस दौरान प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा गया। साथ ही समस्या का समय पर समाधान नहीं होने पर आगामी चुनाव में मतदान के बहिष्कार की चेतावनी दी है। ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया- पंचायतों के पुनर्गठन के दौरान उगमणावास क्षेत्र को तीन अलग-अलग हिस्सों में बांट दिया गया और भौगोलिक दृष्टि से दूर की ग्राम पंचायतों में शामिल कर दिया गया है। धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक सुविधाओं का दिया हवाला आबादी क्षेत्र से दूर स्थित विवादित खातेदारी भूमि को गढ़ बावतरा में और सरदारपुरा गांव की आबादी भूमि के लिए प्रस्तावित किए जाने पर भी ग्रामीणों ने आपत्ति जताई है। ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में पहले भी ज्ञापन देकर विरोध दर्ज कराया गया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने प्रशासन से सीमांकन में सुधार कर सभी क्षेत्रों को भौगोलिक स्थिति और जन सुविधाओं के हिसाब से शामिल करने की मांग की। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि मांग पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो 4 गांवों के सभी 36 कौम के ग्रामीण पंचायत चुनाव में मतदान का बहिष्कार करेंगे। 12 किमी दूर पंचायत में जोड़ने पर जताई आपत्ति ग्रामीणों के अनुसार राजस्व ग्राम सरदारपुरा और गोमाजी का बेरा को नवगठित ग्राम पंचायत दयालपुरा में शामिल किया गया है, जबकि दयालपुरा पंचायत मुख्यालय की दूरी करीब 12 किलोमीटर है। वहीं, ये दोनों गांव मूल ग्राम पंचायत बावतरा से महज 2 से 3 किलोमीटर दूर हैं और यहां सीधा आवागमन भी है। इसी तरह गढ़ बावतरा और जेतेश्वर नगर, बलूजी का बेरा को ग्राम पंचायत मोकणीखेड़ा में शामिल किया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि मोकणीखेड़ा जाने के लिए बावतरा होकर गुजरना पड़ता है और दूरी करीब 10 किलोमीटर है।