गणेश चतुर्थी के अवसर पर सोमवार को सनातन महोत्सव समिति की ओर से शहर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। भगवान गणपति की प्रतिमाओं के साथ विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। डीजे पर बजते भजनों के बीच युवा नाचते-गाते हुए भक्ति में झूमते नजर आए। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी शामिल हुए। भारत माता चौक से रवाना हुई शोभायात्रा समिति संयोजक अम्बालाल व्यास ने बताया कि शोभायात्रा सुबह तिलक द्वार स्थित भारत माता चौक से शुरू हुई। भैरूनाथ अखाड़े के ईश्वरनाथ महाराज, चामुंडा माता मंदिर के पवनपुरी महाराज और वागेश्वर मठ के हनुमानगिरी महाराज सहित साधु-संतों ने दीप प्रज्वलित कर भगवान गणपति की पूजा-अर्चना की। इसके बाद शोभायात्रा को रवाना किया गया। प्रमुख मार्गों से होते हुए रामदेवजी मंदिर पहुंची शोभायात्रा हरिदेव जोशी सर्किल, पंचायत समिति, बड़ी पोल, घांचियों की पिलानी, सुभाष मार्केट, माणक चौक, सदर बाजार, गणेश चौक, गांधी चौक, सूरजपोल और अस्पताल चौराहा होते हुए वापस तिलक द्वार स्थित रामदेवजी मंदिर प्रांगण पहुंची। यहां भगवान गणपति की महाआरती और प्रसाद वितरण के साथ शोभायात्रा का समापन हुआ। शोभायात्रा में संत-महात्मा सजे हुए रथों में विराजमान रहे। वहीं, ट्रैक्टरों पर भगवान गणपति की प्रतिमाओं के साथ आकर्षक झांकियां सजाई गईं। पूरे मार्ग में विभिन्न समाजों, धार्मिक समितियों और मोहल्लेवासियों ने शोभायात्रा का स्वागत किया। सेवा भारती की झांकियों ने खींचा ध्यान शोभायात्रा में सेवा भारती के बाल संस्कार केंद्रों की झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। शांतिनाथ बाल संस्कार केंद्र एफसीआई गोदाम, श्री चामुंडा माता बाल संस्कार केंद्र शांतिनगर और श्री संत रविदास बस्ती केंद्र के नन्हे बच्चों ने विभिन्न देवी-देवताओं का रूप धारण किया। बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित किया।