जालोर में नगर परिषद के नवनियुक्त सभापति बंशीलाल माली ने गुरुवार को पदभार ग्रहण किया। शाम को कांग्रेस पार्षदों और कार्यकर्ताओं ने शहर में विजय जुलूस निकाला। इसके बाद रात को कांग्रेस कार्यालय में जनसभा आयोजित हुई। सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता पुखराज पाराशर ने जालोर में कांग्रेस का बोर्ड बनाने में सहयोग देने वालों का आभार जताया और भाजपा पर कई आरोप लगाए। इसके साथ ही पाराशर ने दावा किया कि चुनाव हारने के बाद कुछ लोग धमकियां दे रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल एक ऑडियो का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इसकी सत्यता स्पष्ट नहीं है। उन्होंने पार्षदों और कार्यकर्ताओं से किसी भी धमकी की सूचना देने और बिना डरे काम करने की अपील की। सड़क, सुंदेलाव तालाब की स्थिति पर सवाल पाराशर ने कहा कि प्रदेश में 3 साल से भाजपा की सरकार है। इससे पहले 12 साल तक जालोर नगर परिषद में भाजपा का बोर्ड रहा। इसके बावजूद शहर की सड़कें खुदी पड़ी हैं और सीवरेज सिस्टम जगह-जगह जाम और खुला है। उन्होंने ऐतिहासिक और धार्मिक सुंदेलाव तालाब की स्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जोगेश्वर गर्ग सरकार में मंत्री रहते हुए जालोर के विकास के लिए बजट नहीं ला सके। पाराशर ने चुनौती देते हुए कहा कि पिछले तीन साल में सरकार से स्वीकृत कराए गए एक काम का नाम बताया जाए। आरओबी और मेडिकल कॉलेज के मुद्दे पर भी बोले जालोर के आरओबी का जिक्र करते हुए पाराशर ने कहा कि गर्ग अब इसका श्रेय केंद्र की भाजपा सरकार को देते हैं, जबकि विधानसभा में उन्होंने आरओबी की स्वीकृति के लिए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को धन्यवाद दिया था। मेडिकल कॉलेज के मुद्दे पर पाराशर ने दावा किया कि कांग्रेस सरकार ने इसके लिए करीब 350 करोड़ रुपए स्वीकृत किए थे। उन्होंने कहा कि टेंडर होने और काम शुरू होने के बाद भी निर्माण क्यों रुका, इसका जवाब मिलना चाहिए। पाराशर ने कहा कि मेडिकल कॉलेज को पीपीपी मोड पर देने की चर्चा सुनने में आ रही है। ऐसा हुआ तो इसे जालोर के साथ अन्याय मानकर विरोध किया जाएगा। पार्षदों से वार्डों में जाकर समस्याएं सुनने की अपील पाराशर ने सभापति, उपसभापति और पार्षदों से कहा कि वे सबसे पहले अपने वार्डों की गलियों में जाएं, लोगों से मिलें, उनकी समस्याएं सुनें और उनका समाधान कराएं। उन्होंने दावा किया कि चुनाव हारने के बाद कुछ लोग धमकियां दे रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल एक ऑडियो का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इसकी सत्यता स्पष्ट नहीं है। उन्होंने पार्षदों और कार्यकर्ताओं से किसी भी धमकी की सूचना देने और बिना डरे काम करने की अपील की। बाड़ेबंदी के दौरान दबाव बनाने के आरोप चुनाव के दौरान हुई बाड़ेबंदी का जिक्र करते हुए पाराशर ने कहा कि पार्षदों को जैसलमेर से पचपदरा और फिर कुंभलगढ़ ले जाना पड़ा। उन्होंने दावा किया कि एक बस ऑपरेटर ने धमकी मिलने की बात कहकर बस भेजने में असमर्थता जताई थी। पाराशर ने मुख्यमंत्री कार्यालय और स्थानीय प्रशासन के कुछ अधिकारियों पर कांग्रेस पार्षदों पर नजर रखने और भाजपा का बोर्ड बनवाने के लिए दबाव डालने के आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि तमाम परेशानियों के बावजूद जालोर की जनता के आशीर्वाद और सभी के सहयोग से कांग्रेस का बोर्ड बना। पार्षदों और कार्यकर्ताओं से सतर्क रहने को कहा जनसभा में पाराशर ने आरोप लगाया कि चुनाव में हारने वाले कुछ लोग पार्षदों और कार्यकर्ताओं को धमका रहे हैं। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर एक ऑडियो वायरल हो रहा है, लेकिन यह किसका है, इसकी जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी पार्षद, कार्यकर्ता या प्रत्याशी को धमकी मिले या उसके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल हो तो तत्काल सूचना दें। पाराशर ने ऑडियो वायरल करने वालों से जालोर में ऐसा माहौल नहीं बनाने की अपील की। उन्होंने सभापति और पार्षदों से एकजुट रहने को कहा। साथ ही आशंका जताई कि उनके कामकाज को लेकर भी राजनीतिक हमले हो सकते हैं, इसलिए सभी को सावधानी से काम करना होगा।