झालावाड़ के गेहूंखेड़ी में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर आयुष्मान आरोग्य मंदिर में एक आयुर्वेद स्वास्थ्य शिविर लगा। इस शिविर में ग्रामीणों को शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के महत्व के बारे में बताया गया, जिससे वे स्वस्थ जीवनशैली अपना सकें। यहां मानसिक समस्याओं की पहचान, तनाव प्रबंधन, चिंता, अवसाद और उनके इलाज के तरीके भी समझाए गए। चिकित्सा अधिकारी डॉ. सोनिका मीणा ने कहा कि मन ही सुख-दुख का आधार है। संतुलित मन से व्यक्ति मुश्किल हालात का भी अच्छे से सामना कर पाता है। उन्होंने बताया कि अच्छा मानसिक स्वास्थ्य सही फैसले लेने और तनाव से निपटने में मदद करता है। डॉ. मीणा ने जोर दिया कि मानसिक स्वास्थ्य शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही जरूरी है। किसी भी परेशानी पर समय पर मदद लें। उन्होंने नियमित योग, प्राणायाम, पर्याप्त नींद और संतुलित भोजन को मानसिक स्वास्थ्य के लिए अहम बताया। उन्होंने युवाओं की मानसिक और भावनात्मक जरूरतों को समझने, उनके साथ संवेदनशीलता और सकारात्मक बातचीत करने पर भी जोर दिया। शिविर में मौजूद लोगों को तनाव से निपटने और भावनाओं को समझने के उपाय बताए गए। इस दौरान आयुर्वेद कंपाउंडर राजाराम, आरोग्य सखी संजना राठौर, वंदना और उषा समेत कई लोग मौजूद रहे।