झालावाड़ के मंडावर कस्बे में चौरसिया समाज पंचायत की ओर से ऋषि पंचमी महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। हर साल की तरह इस बार भी श्री नानादेवी मंदिर प्रांगण में आयोजित महोत्सव में समाज के महिला-पुरुषों, युवाओं और बच्चों ने उत्साह से भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत श्री लक्ष्मीनाथजी मंदिर पर कलश और घोड़ी की बोली से हुई, जिसमें समाजबंधुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। बाजे-गाजे के साथ निकली शोभायात्रा बोली के बाद बाजे-गाजे के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई। महिलाएं और पुरुष पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए और मां नानादेवी के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े। महिलाएं सिर पर बोली वाले कलश लेकर चल रही थीं, जबकि बाजों की धुन पर बच्चे, महिलाएं और पुरुष नाचते-गाते हुए शोभायात्रा का हिस्सा बने। ध्वज लेकर चले घुड़सवार, फूलों से हुआ स्वागत शोभायात्रा में दो घुड़सवार हाथों में ध्वज लेकर महिलाओं के पीछे चल रहे थे। मां श्री नानादेवी की तस्वीर को भी पारंपरिक तरीके से सजाया गया था। कस्बे से गुजरने के दौरान शोभायात्रा का जगह-जगह फूलों की बारिश कर स्वागत किया गया। श्रद्धा और उत्साह से भरे माहौल में पूरा कस्बा मां नानादेवी के जयकारों से गूंज उठा। मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना और महाआरती शोभायात्रा पूरे गांव से होते हुए श्री नानादेवी मंदिर परिसर पहुंची। यहां समाज के लोगों ने मां नानादेवी की पूजा-अर्चना की और इसके बाद महाआरती की गई। इस दौरान समाज के उत्थान और विकास से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की गई। सामूहिक प्रसादी में शामिल हुए समाजबंधु महोत्सव के समापन पर समाज की ओर से सामूहिक भोजन प्रसादी का आयोजन किया गया। इसमें सभी समाजबंधुओं ने एक साथ प्रसादी ग्रहण की। आयोजन में चौरसिया समाज युवा मंडल, महिला मंडल, मित्र मंडली के साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। आगे भी होंगे सामाजिक आयोजन चौरसिया समाज पंचायत मंडावर के अध्यक्ष शिवशंकर चौरसिया ने बताया कि समाज की ओर से भविष्य में भी ऐसे आयोजन समय-समय पर किए जाएंगे, ताकि सामाजिक एकजुटता और आपसी भाईचारे को मजबूत किया जा सके।