झालावाड़ जिला प्रशासन ने जर्जर सरकारी स्कूल भवनों को हटाकर छात्रों के लिए सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में कदम उठाया है। जिले में विभिन्न योजनाओं के तहत नए स्कूल भवन, अतिरिक्त कक्षा-कक्ष, बरामदा और शौचालय निर्माण के लिए राशि स्वीकृत की गई है। जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ के मार्गदर्शन में छात्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जर्जर भवनों के स्थान पर नए निर्माण की कार्ययोजना को गति दी गई है। पूर्व में स्वीकृत इन कार्यों को जल्द ही शुरू किया जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को शिक्षा के लिए सुरक्षित और बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। मनोहरथाना पंचायत समिति क्षेत्र में बड़ी संख्या में स्कूलों को इस पहल का लाभ मिलेगा। स्वीकृत कार्यों में राजकीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूल दौलतपुरा, धमधार, मान्याखेड़ी, आंकोल्या, चांदपुरा कस्बा, बिरजीपुरा, मजरा रामपुरिया-चंदीपुर, घोघड़ी, गुराड़खेड़ा, गणेशपुरा लोधान, कंवरियाखेड़ी, गजवाड़ी, रामपुरिया गुजरान, गोरियाखेड़ा, तलवाड़ा, भोजपुर, टोडरी मीरा, गोडिया, राजपुरा, पून्याखेड़ा, खेड़ी मेवातियान, बामनगांव, हनोतिया मेवातियान, सराली मनपसर, मोतीपुरा, मनपसर, कानवा, घोड़ाखेड़ा, साल्याखेड़ा, खोयरा मजरा कानवा, चारखेड़ा, पट्टी, छोड़लिया, चित्तौड़ा और ताजपुरिया सहित अन्य विद्यालय शामिल हैं। इसी क्रम में श्यामपुरा मजरा बड़गांव, बुधवाड़ा, गांवड़ी, जयश्री भीलान, सेमलाबेह, नेश गुजरान, दांगीपुरा, मजरा अम्बा का पुरा, नानी बरडी मजरा पिण्डोला, मोतीपुरा, मानपुरा, खोड़ीबोर, चाचौनी लोधान, जावरी और ढाबा में भी कक्षा-कक्ष एवं अन्य आवश्यक निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इसके अतिरिक्त बारूबेह, रूपाखेड़ा, जामुन्या उर्फ कड़ारी, बिसलाई, खेजड़ा, देवरी खुर्द, देवरी जागीर, भूमरिया, हनोतिया लोधान, पंचपीपली, बामलाबेह, टांडी तंवरान बामलाबेह, गणेशपुरा, बलबटपुरा, गंगाहोनी, गोरधनपुरा, खेरखेड़ी माता, हरिपुरा, मदनपुरा, खेरखेड़ी घाटा, तलाईबेह और हमीरपुरा सहित विभिन्न विद्यालयों में भी निर्माण कार्य प्रस्तावित या स्वीकृत हैं। बच्चों को मिलेगा सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण इन निर्माण कार्यों के पूर्ण होने के बाद विद्यार्थियों को जर्जर भवनों से मुक्ति मिलेगी और उन्हें सुरक्षित, मजबूत एवं बेहतर शैक्षणिक स्थल उपलब्ध होगा। नए कक्षा-कक्षों से विद्यार्थियों के बैठने की समुचित व्यवस्था के साथ शिक्षण-अधिगम वातावरण बेहतर होगा। बरामदा एवं सार्वजनिक शौचालय जैसी सुविधाओं के निर्माण से विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं का विस्तार होगा। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में आधारभूत सुविधाओं का विकास होने से स्टूडेंट्स की सुरक्षा, सुविधा एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को मजबूती मिलेगी। साथ ही स्कूलों का वातावरण अधिक आकर्षक एवं शिक्षण के अनुकूल बनेगा, जिससे स्टूडेंट्स की नियमित उपस्थिति एवं शैक्षणिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। जिला प्रशासन की यह पहल जिले में स्कूल आधारभूत संरचना को मजबूत करने के साथ-साथ ‘सुरक्षित स्कूल-बेहतर शिक्षा’ की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। जिला प्रशासन ने स्वीकृत कार्यों को प्राथमिकता के साथ शीघ्र प्रारंभ कराने की कार्रवाई की जा रही है।