झुंझुनूं नगर परिषद के 60 वार्डों के नतीजे घोषित हो चुके हैं। कांग्रेस 30 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी है और 31 के जादुई आंकड़े यानी बहुमत से सिर्फ एक सीट दूर है। यहां भाजपा को 15 और निर्दलीयों को भी 15 सीटों पर जीत मिली है। पूर्व उपसभापति व निर्दलीय प्रत्याशी वीरेंद्र डारा के समर्थन के साथ कांग्रेस का बोर्ड बनना लगभग तय माना जा रहा है। 2019 में भाजपा के खाते में 10 सीटें थीं। इस लिहाज से भाजपा को इस बार पांच सीटों का फायदा हुआ है। हालांकि कांग्रेस के मुकाबले भाजपा अभी भी 15 सीट पीछे है। 15 निर्दलीय जीते, डारा कांग्रेस के साथ नगर परिषद में इस बार कुल 15 निर्दलीय प्रत्याशी चुनाव जीतकर परिषद में पहुंचे हैं। इनमें पूर्व उपसभापति वीरेंद्र डारा भी शामिल हैं। डारा पहले ही कांग्रेस के साथ होने की बात कह चुके हैं। ऐसे में कांग्रेस के 30 पार्षदों के साथ डारा का समर्थन जुड़ने पर संख्या 31 हो जाती है, जो बोर्ड बनाने के लिए जरूरी बहुमत है। पुराने चेहरों ने भी दर्ज की जीत चुनाव परिणाम में कांग्रेस और निर्दलीय खेमे के कई पुराने राजनीतिक चेहरों ने भी जीत दर्ज की है। तैयब अली, जो निवर्तमान सभापति के ससुर हैं, कांग्रेस के टिकट पर जीतने में सफल रहे हैं। वहीं कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष अजमत अली ने भी जीत दर्ज की है। पूर्व सभापति खालिद हुसैन इस बार निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में थे और उन्होंने जीत हासिल की है। इसी तरह पूर्व उपसभापति वीरेंद्र डारा ने भी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जीत दर्ज की है। झुंझुनूं नगर परिषद बगड़ नगर पालिका चिड़ावा नगर पालिका मंडावा नगर पालिका