जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय (जेएनवीयू) में बकाया पेंशन को लेकर पेंशनर्स का 24वें दिन भी प्रदर्शन जारी रहा। शनिवार को पेंशनर्स धरना प्रदर्शन के लिए पहुंचे तो विश्वविद्यालय के मैन गेट पर पुलिस ने रोक लिया। पेंशनर्स को गेट पर ही प्रदर्शन करने के लिए कहा गया। लेकिन प्रर्दशनकारी अंदर जाने की बात अड़े रहे। इसके बाद पुलिस ने उन्हें अंदर जाने दिया। कुलगुरु के ऑफिस के बाहर पहुंचकर पेंशनर्स ने नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। इसके बाद कुलगुरु पवन कुमार शर्मा और फाइनेंसियल एडवाइजर पेंशनर्स के बीच पहुंचे और बातचीत की। पेंशनर्स ने दीपावली से पहले दो माह की पेंशन जारी करने को कहा। वहीं पेंशनर्स का कहना है कि पेंशन जारी कर दी जाएगी तो वे धरना-प्रदर्शन स्थगित कर देंगे। पेंशनर्स ने टीचर वेलफेयर फंड से पैसा निकालकर पेंशन देने की मांग की। इस पर कुलगुरु पवन कुमार शर्मा ने फंड चैक करवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद पेंशनर्स ने पेंशन खाते में नहीं आने तक धरना जारी रखने का ऐलान किया। जेएनवीयू का पेंशनर्स कहना है कि उनकी 6 माह की 50 करोड़ से ज्यादा पेंशन बकाया है। सिंडिकेट की बैठक में होगी चर्चा जेएनवीयू में पेंशन भुगतान की समस्या कुलगुरु पवन कुमार शर्मा ने बताया कि पेंशन की समस्या समय-समय पर सामने आती रही है। पेंशन भुगतान के लिए विश्वविद्यालय को तीन-चार बार ऋण लेना पड़ा है। पिछले दिनों अगस्त में भी 50 करोड़ रुपये का ऋण लेकर पेंशन का भुगतान किया गया था, जिस पर करीब 6 करोड़ रुपये सालाना ब्याज देना पड़ रहा है। यह राशि लगभग एक महीने की पेंशन के बराबर है। उन्होंने बताया कि 18 नवंबर को होने वाली सिंडिकेट की बैठक में पेंशन समस्या सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। कुलपति ने कहा तकि जेडीए और नगर निगम में करीब 750 करोड़ रुपये के प्रस्ताव रखने तथा एमबीएम विश्वविद्यालय में हस्तांतरित हुई जेएनवीयू की करीब 7000 करोड़ रुपये की संपत्ति पर अपना दावा प्रस्तुत करने की बात भी मीटिंग में कही जाएगी। कुलगुरु ने कहा- उनके घर पहुंचकर नारेबाजी की कुलगुरु पवन शर्मा ने कहा कि शुक्रवार को जब वे अपने कार्यालय में मौजूद थे, तब कुछ लोग उनके घर पहुंचकर परिजनों के सामने नारेबाजी करने लगे। उन्होंने इस घटनाक्रम को मानसिक प्रताड़ना बताते हुए इसे जोधपुर शहर और विश्वविद्यालय के लिए शर्मनाक बताया। पेंशनर्स के प्रदर्शन में प्रो.राम निवास शर्मा,अशोक व्यास, डा.सुखवीर सिंह बैंस, डा. मीनाक्षी माथुर, शरीफ मोहम्मद, दुर्गा सिहं राठौड़, रामदत हर्ष, दिनेश रामा‌वर व बरकतुल्ला खां मौजूद थे।