जोधपुर एम्स के रेजिडेंट डॉक्टर राजनरेश यादव की मौत के बाद रेजिडेंट की हड़ताल जारी रही। रेजिडेंट डॉक्टर्स शुक्रवार सुबह ओपीडी पहुंचे और मांगों को लेकर धरने पर बैठ गए। शाम करीब 5 बजे एम्स अध्यक्ष डॉ. तेजस मधुसूधन पटेल गुजरात से जोधपुर एम्स पहुंचे। इसके बाद रेजिडेंट डॉक्टर्स के प्रतिनिधिमंडल के साथ उनकी बातचीत हुई। बातचीत में रेजिडेंट्स की मांगों को लेकर सहमति नहीं बन पाई। रेजिडेंट डॉक्टर्स एम्स डायरेक्टर डॉ. गोवर्धन पुरी इस्तीफे की मांग पर अड़े रहे, लेकिन एम्स प्रशासन की तरफ से इस्तीफे की मांग को स्वीकार नहीं किया गया। इसके बाद रेजिडेंट डॉक्टर्स ने हड़ताल को जारी रखने का ऐलान कर दिया। रेजिडेंट डॉक्टर्स ने एम्स के गेट नंबर तीन से कैंडल मार्च निकाला। वहीं, एम्स के कुछ फेकल्टी मेंबर ने भी रेजिडेंट्स का समर्थन किया। ये रखी मांगें रेजिडेंट डॉक्टर्स की मांग है कि मामले में एम्स डायरेक्टर डॉ.गोवर्धन पुरी इस्तीफा दें और एडमिनिस्ट्रेशन सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। साथ ही परिवार को मुआवजा दिया जाए। इससे पहले गुरुवार को भी डॉक्टर्स की ओर से विभिन्न मांगों को लेकर धरना दिया गया था और ओपीडी का बहिष्कार किया गया था। ये है मामला गौरतलब है कि जोधपुर एम्स में ड्यूटी करने पहुंचे रेजीडेंट राजनरेश यादव (29) पुत्र नरेश कुमार निवासी बड़ा जोड़ के पास अलवर की मंगलवार को रेस्ट रूम के बाथरूम में अचेत मिलने के बाद मौत हो गई थी। राजनरेश एनस्थीसिया विभाग में ड्यूटी के लिए आया था। शुरुआती जानकारी में इंजेक्शन के ओवरडोज की आशंका जताई जा रही है। हालांकि मौत की वास्तविक वजह जांच के बाद ही साफ होगी। राजनरेश का बड़ा भाई दिल्ली एम्स में डॉक्टर है। वहीं पिता गांव में ही रहते हैं। मृतक ने एम्स से MBBS किया था। इसके बाद यहीं से PG कर रहा था। डॉक्टर्स ने किया था दावा- 36-36 घंटे काम करवाया जा रहा वहीं, बुधवार को विरोध-प्रदर्शन के दौरान डॉक्टर्स का कहना था- हमारी मांग है कि डॉक्टर की मौत पर मैनेजमेंट माफी मांगे। जो भी जिम्मेदार है, वो माफी मांगे। मृतक के परिवार को आर्थिक मदद मिलनी चाहिए। एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर का इस्तीफा होना चाहिए। उनकी वजह से ये हालात हुई है कि डॉक्टर की मौत हुई है। इसके साथ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) बनना चाहिए। आरडीए की मांग मान ली गई है। बाकी दो मांग पर बात चल रही है। जब तक पूरी नहीं होंगी, हम बैठे रहेंगे। डॉक्टर 36-36 घंटे ड्यूटी कर रहे हैं। उनकी कोई परवाह नहीं है।