मुझसे मिलने का कोई समय नहीं होगा। जोधपुर की जनता जब चाहे मुझसे मिल सकेगी। ये कहना है जोधपुर नगर निगम के नए मेयर प्रसन्नचंद मेहता का। दैनिक भास्कर से बातचीत में मेयर प्रसन्नचंद मेहता को जब पूछा गया कि आमजन अपनी शिकायतों और समस्याओं को लेकर कैसे आसानी से उन तक पहुंच सकेंगे। इस पर वे बोले- मैंने देखा है कि मेयर के चैंबर के बाहर मिलने का समय लिखा होता है। मेयर इतने बजे से इतने बजे मिलेंगे, लेकिन मुझसे मिलने का कोई समय नहीं होगा। जब तक मैं निगम में रहूंगा, जोधपुर की जनता आकर मुझसे मिल सकेगी। अपनी समस्या या शिकायत बता सकेगी। मेयर पद के चुनाव को लेकर शुक्रवार को वोटिंग हुई। इसमें उन्हें 53 वोट मिले। इसके बाद उनके समर्थकों ने उन्हें गोद में उठाया और जीत का जश्न मनाया। इधर, शुक्रवार शाम 5 बजकर 5 मिनट पर मेहता ने निगम में मेयर का पदभार संभाला। उन्होंने कहा- दीपावली से पहले पूरे शहर की सफाई होगी। दीपावली से पहले सड़क, सफाई और रोशनी पर फोकस मेयर प्रसन्नचंद मेहता ने कहा- जोधपुर के डेवलपमेंट का मॉडल तैयार होगा, लेकिन इससे पहले हमारा सबसे बड़ा फोकस दीपावली पर रहेगा। इस दीपावनी से पहले शहर की सड़कों, सफाई और रोशनी पर फोकस रहेगा। जोधपुर की जनता त्योहार का आनंद ले सके। इसके लिए दीपावली से पहले सभी सड़कों को सही किया जाएगा और सड़कें बिना गड्ढे वाली होंगी। इसके साथ ही पूरे शहर की सफाई करवाई जाएगी। वहीं शहरभर में बेहतर रोशनी होगी। बोले- काम करने का जज्बा हो तो कोई संघर्ष नहीं होता जब उनसे उनके 49 साल के संघर्ष के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा- मैं समझता हूं कि यदि इंसान में काम करने का जज्बा हो तो कोई संघर्ष नहीं होता है। जोधपुर की जनता और संगठन के पदाधिकारियों ने इतना संबल दिया है, मुझे ये संघर्ष नहीं लगता। वहीं पदभार ग्रहण के बाद बातचीत करते हुए वे बोले- भाजपा के कार्यकर्ताओं और नेताओं की वजह से राजस्थान के दूसरे सबसे बड़े निकाय का सेवा करने का मौका मिला है। मैं अपनी जी-जान के साथ जोधपुर की जनता के लिए प्रयास करूंगा। जोधपुर शहर को विश्व के पटल जोधपुर को नंबर वन बनाने का प्रण पूरा करूंगा। यह खबर भी पढ़ें... जोधपुर में बीजेपी के प्रसन्नचंद मेहता बने मेयर:बोले- दीपावली से पहले सड़कों का काम होगा; भाजपा-कांग्रेस समर्थक आमने-सामने, कार का शीशा तोड़ा जोधपुर नगर निगम में बीजेपी के प्रसन्नचंद मेहता नए मेयर बन गए हैं। जीत के बाद समर्थक कंधे पर बैठाकर उन्हें निगम परिसर से बाहर लेकर आए। मेहता का परिवार भी निगम पहुंचा। उनकी बेटियां दौड़ते हुए पिता के पास पहुंची और गले लगा लिया। (पूरी खबर पढ़ें)