जोधपुर के डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज में रैगिंग की शिकायत मामले में प्रारंभिक जांच हो चुकी है। कॉलेज प्रशासन का दावा है कि शिकायत को लेकर अभी ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है। मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. बीएस जोधा ने बताया- शिकायत के बाद सभी स्टूडेंट्स से बातचीत की गई। इसमें स्टूडेंट ने कुछ नहीं बताया। वहीं उन्होंने बताया कि स्टूडेंट्स के मोबाइल नंबर इंटरनेट पर उपलब्ध हैं। हो सकता है कि किसी ने इन नंबर का मिस यूज किया हो। इसकी जांच शुरू कर दी है। ये था पूरा मामला कॉलेज में बुधवार दोपहर को शिकायत का ईमेल आया था। ये शिकायत गर्ल्स हॉस्टल से जुड़ी हुई है। हालांकि ये शिकायत किसने की है। इसके बारे में अभी तक पता नहीं चल पाया है, लेकिन शिकायत में बताया गया कि एक सीनियर ने 90 लोगों के नंबर भेजे और कहा कि इन्हें बॉस कहकर बुलाना है। इनसे आई कॉन्टैक्ट नहीं करना है। इस शिकायत के बाद गुरुवार को डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज की एंटी रैगिंग टीम की ओर से इस मामले की जांच शुरू की गई थी। प्रिंसिपल बोले- खाने की टेबल पर भी स्टूडेंट्स से बात की डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. बीएस जोधा ने बताया- दो दिन पहले ईमेल आया था। जानकारी मिलते ही गुरुवार को एंटी रैगिंग कमेटी की मीटिंग बुला ली थी। इसके बाद सभी हॉस्टल के स्टूडेंट्स से पर्सनली बात की। टीम ने गुरुवार रात को बच्चों के साथ डिनर पर भी डिस्कशन किया। किसी ने कुछ नहीं बताया। हो सकता है कि स्टूडेंट्स में डर हो। टीम ने हॉस्टल के चौकीदार और सुपरवाइजर से भी बात की, लेकिन ऐसा कुछ सामने नहीं आया है। मामले को लेकर हमें सरकार और एनएमसी की तरफ से भी रिपोर्ट देने के लिए कहा है। प्रिंसिपल बोले- पिछली बार भी आए थे ऐसे केस, फर्जी निकले थे प्रिंसिपल डॉ. बीएस जोधा ने बताया- पिछली बार भी दो केस ऐसे आए थे, जो जांच में सही नहीं निकले। इसके बाद भी ऐसा होता है तो कॉलेज प्रशासन की ओर से पेनल्टी से लेकर सस्पेंशन का एक्शन लिया जााता है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को भी टीम की मीटिंग होनी है। प्रस्ताव रखा गया है कि फर्स्ट ईयर के बच्चों को नई बिल्डिंग में शिफ्ट कर, हॉस्टल में सीसीटीवी लगाए जाएं। कमेटी जो भी प्रस्ताव भेजेगी, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।