जोधपुर नगर निगम में बीजेपी के प्रसन्नचंद मेहता नए मेयर बन गए हैं। जीत के बाद समर्थक कंधे पर बैठाकर उन्हें निगम परिसर से बाहर लेकर आए। मेहता का परिवार भी निगम पहुंचा। उनकी बेटियां दौड़ते हुए पिता के पास पहुंची और गले लगा लिया। जीत के बाद मेहता ने कहा- मुझे 53 वोट मिले। दीपावली पास आ रही है, इसलिए सबसे पहले शहर की सड़कों को लेकर काम होगा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पृष्ठभूमि से आने वाले प्रसन्नचंद मेहता संगठन के पुराने सिपाही हैं और भाजपा में जिलाध्यक्ष से लेकर प्रदेश उपाध्यक्ष जैसे कई अहम पदों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। असम के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया के भी नजदीकी है। वहीं मेयर पद के चुनाव के दौरान मारवाड़ इंटरनेशनल सेंटर की तरफ खड़े भाजपा और कांग्रेस के समर्थक उलझ गए। इस दौरान एक कार का शीशा तोड़ दिया। बताया जा रहा है कि कांग्रेस पार्षदों की बसों के आगे कार लगाने को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद दोनों के समर्थक आमने-सामने हो गए। हालांकि पुलिस मौके पर पहुंची और वहां से सभी को हटाया। मेयर 53 वोट से जीते, कांग्रेस को 47 मत मिले बीजेपी के प्रसन्नचंद मेहता को 53 वोट मिले। वहीं कांग्रेस के राजेंद्र सोलंकी को 47 वोट मिले। भाजपा के पास 45 और कांग्रेस के पास 44 पार्षद थे। वहीं, 10 निर्दलीय और एक आरएलपी का प्रत्याशी पार्षद बना था। इसके बाद 7 निर्दलीय पार्षदों ने भाजपा को समर्थन देते हुए पार्टी की सदस्यता ली थी। इधर, शाम को प्रसन्नचंद मेहता पदभार ग्रहण करने के लिए निगम पहुंचे। यहां उन्होंने पहले निगम की सीढि़यों को प्रणाम किया और फिर अंदर एंट्री ली। इसके बाद निगम में भाजपा पदाधिकारियों और परिवार की मौजूदगी में उन्होंने पदभार ग्रहण किया। देखिए मेयर पद की वोटिंग के PHOTOS मेयर चुनाव से जुड़े अपडेट- वोट की गोपनीयता को भंग करने का लगा आरोप: चुनाव के दौरान कांग्रेस नेता एवं पार्षद नरेश जोशी ने आरोप लगाया कि मतपत्र पर सीरियल नंबर डाल कर वोट की गोपनीयता को भंग किया गया। उन्होंने बताया कि इसके बारे में सुबह जानकारी मिली थी। इन नंबर से ये पता चल जाएगा कि किसने किसे वोट दिया। इससे वोट की विश्वसनीयता खत्म होगी। कांग्रेस का आरोप-बीजेपी कार्यकर्ताओं ने पत्थरबाजी की: कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा के कार्यकर्ताओं ने पार्षदों की बस रोकने और पत्थरबाजी करने का आरोप लगाया। कांग्रेस नेता करण सिंह उचियारड़ा ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने बस के आगे बैठकर नारेबाजी की और फिर बस जाने लगी तो पत्थरबाजी की। यह प्रशासन की नाकामी है। बताया जा रहा था कि कांग्रेस पार्षदों की बस के आगे बीजेपी कार्यकर्ताओं की ओर से कार लगाने को लेकर विवाद हुआ। विवाद इतना बढ़ गया कि कार का शीशा तोड़ दिया और दोनों के समर्थक आमने-सामने हो गए। हालांकि पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ को वहां से हटाया। वोटिंग के बाद बीजेपी पार्षदों को अंदर भेजने पर विवाद: भाजपा पार्षदों को वोट देने के बाद निगम गेट के बाहर किया गया। इसके बाद बीजेपी जिलाध्यक्ष राजेंद्र पालीवाल ने निगम का गेट खोला और पार्षदों को दोबारा निगम के अंदर ले गए। इसका कांग्रेस पार्षदों ने विरोध किया। वे बोले जब हमें वोट डालने के बाद बाहर किया तो भाजपा पार्षदों को क्यों अंदर भेजा। जीत के बाद पदभार ग्रहण करने पहुंचे मेहता: जीत के बाद प्रसन्नचंद मेहता नगर निगम में पदभार ग्रहण करने पहुंचे। यहां उन्होंने पहले निगम की सीढि़यों को प्रणाम किया और फिर अंदर एंट्री ली। इस दौरान केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, राज्य मंत्री केके विश्नोई, भाजपा जिलाध्यक्ष राजेंद्र पालीवाल, शहर विधायक अतुल भंसाली और महेंद्र सिंह राठौड़ समेत भाजपा के कई नेता और मेहता का परिवार भी मौजूद रहा।
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