करौली के स्वास्थ्य भवन सभागार में शुक्रवार को राज्यस्तरीय टीम ने ब्लॉक स्तरीय स्वास्थ्य अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। इस बैठक में सर्वे, टीकाकरण, रिपोर्टिंग और डेटा एंट्री की स्थिति की समीक्षा की गई। साथ ही कमियों को दूर करने के निर्देश दिए गए। बैठक में एचपीवी वैक्सीनेशन बढ़ाने, आरसीएच रजिस्टर की नियमित समीक्षा करने और ब्लॉक व सेक्टर स्तर पर निगरानी मजबूत करने पर खास जोर दिया गया। चिकित्सा संस्थानों पर एचपीवी वैक्सीनेशन के नियमित सेशन आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए। कमियों को सुधारने के निर्देश टीकाकरण प्रोजेक्ट डायरेक्टर डॉ. रघुराज सिंह ने बताया कि उन्होंने जिले के 2 ब्लॉकों का निरीक्षण किया है। निरीक्षण में सेक्टर स्तर पर निगरानी की कमी, एचपीवी वैक्सीनेशन की कमजोर स्थिति और रिपोर्टिंग व डेटा एंट्री में अंतर सामने आया। उन्होंने जिला और ब्लॉक स्तर पर प्रभावी निगरानी बढ़ाकर समय रहते कमियों को सुधारने के निर्देश दिए। डॉ. सिंह ने हर ब्लॉक की बैठक में आरसीएच रजिस्टर की समीक्षा करने, रिपोर्टिंग और डेटा एंट्री का विश्लेषण करने और आरसीएच इंडिकेटर्स को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने एचपीवी वैक्सीनेशन को सक्रिय रूप से चलाने, छूटे हुए लोगों के टीकाकरण पर ध्यान देने और फॉर्म नंबर 6, 7 व 8 में टीकाकरण की रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। एचपीवी वैक्सीनेशन को बढ़ाने के निर्देश स्टेट नोडल ऑफिसर वैक्सीनेशन ने कहा कि 14 साल तक की बच्चियों के एचपीवी वैक्सीनेशन के लिए सर्वे रिपोर्ट और स्कूलों से मिली लिस्ट का मिलान किया जाए। इससे वंचित बच्चियों का टीकाकरण सुनिश्चित किया जा सके। सीएमएचओ डॉ. सतीश चंद मीणा ने एचपीवी वैक्सीनेशन को बढ़ाने के लिए ब्लॉकवार लक्ष्य तय किए। उन्होंने हर चिकित्सा संस्थान पर रोज एचपीवी वैक्सीनेशन सेशन आयोजित करने के निर्देश दिए। डॉ. मीणा ने 14 साल तक की बच्चियों से सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए नजदीकी चिकित्सा संस्थान पर जाकर एचपीवी वैक्सीन लगवाने की अपील भी की। बैठक में आरसीएचओ डॉ. दीपिका मीणा, डीपीओ आशुतोष पांडे, जेएसए रूप सिंह धाकड़, डीपीसी-आईईसी लखन सिंह लोधा मौजूद रहे। इनके अलावा, बीसीएमओ, बीपीओ और शहरी क्षेत्र के पब्लिक हेल्थ सुपरवाइजर भी शामिल हुए।