गांधी जयंती पर करौली में स्वास्थ्य विभाग ने कुष्ठ रोग अभियान चलाया। जिला मुख्यालय और भीड़भाड़ वाली जगहों पर जागरूकता वाहन से ऑडियो संदेश सुनाए गए। फ्लेक्स बैनर और पंपलेट से लोगों को कुष्ठ रोग की पहचान, जांच और इलाज की जानकारी दी गई। सीएमएचओ डॉ. सतीश चंद मीणा ने बताया कि कुष्ठ रोग का इलाज संभव है। त्वचा पर हल्के या तांबे के रंग का दाग, जिसमें महसूस होना कम हो जाए, हाथ-पैर में सुन्नपन या कमजोरी और नसें मोटी होना इसके लक्षण हो सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराएं। उन्होंने कहा कि समय पर पहचान और पूरा इलाज लेने से मरीज ठीक हो सकता है। समाज में फैली गलतफहमियां और मरीजों के प्रति भेदभाव खत्म करना जरूरी है। डिप्टी सीएमएचओ डॉ. ओम प्रकाश महावर ने बताया कि जागरूकता वाहन से संदेश दिया गया कि कुष्ठ रोग से लड़ाई बीमारी और सामाजिक भेदभाव दोनों से है। स्वास्थ्यकर्मियों ने लोगों से झाड़-फूंक या खुद इलाज करने की बजाय स्वास्थ्य विभाग की मदद लेने को कहा। इस दौरान डीपीसी-आईईसी लखन सिंह लोधा, कुष्ठ रोग प्रभारी रघुनंदन माली और अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद थे।