करौली पुलिस साइबर ठगी से बचाव के लिए 'साइबर सुरक्षित राजस्थान जनजागरूकता माह' के तहत अभियान चला रही है। पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल के निर्देश पर चल रहे अभियान में पेंशनर्स, वरिष्ठ नागरिकों और विद्यार्थियों को साइबर अपराध के अलग-अलग तरीकों और उनसे बचने के उपायों की जानकारी दी जा रही है। पुलिस ने लोगों से ओटीपी, एटीएम पिन, सीवीवी और यूपीआई पिन जैसी गोपनीय जानकारी किसी से साझा नहीं करने तथा साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की है। पेंशनर्स और वरिष्ठ नागरिकों को दी साइबर ठगी की जानकारी इसी कड़ी में साइबर थानाधिकारी कुसुम मीणा के नेतृत्व में साइबर थाना पुलिस ने थाना परिसर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें पेंशनर्स और वरिष्ठ नागरिकों को साइबर अपराध के विभिन्न तरीकों के बारे में बताया गया। पुलिस टीम ने समझाया कि अनजान लोगों के साथ बैंक खाते से जुड़ी कोई भी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करें। पुलिस ने संदिग्ध लिंक पर क्लिक नहीं करने, अनजान कॉल और मैसेज से सावधान रहने की अपील की। इसके साथ ही फर्जी केवाईसी अपडेट, ऑनलाइन ठगी और अन्य साइबर अपराधों के प्रति भी लोगों को सतर्क किया गया। विद्यार्थियों को सोशल मीडिया और ऑनलाइन गेमिंग की ठगी से किया अलर्ट राजकीय महाविद्यालय करौली में विद्यार्थियों के लिए भी साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। छात्रों को सोशल मीडिया का सुरक्षित इस्तेमाल करने के साथ ही फर्जी लिंक, वेबसाइट और ऑनलाइन गेमिंग के जरिए होने वाली ठगी के बारे में जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को निवेश के नाम पर होने वाली ठगी, फर्जी केवाईसी और डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराधों से बचाव के तरीके भी बताए गए। पुलिस ने विद्यार्थियों से किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि में सावधानी बरतने और बिना जांचे किसी लिंक या वेबसाइट पर अपनी निजी जानकारी दर्ज नहीं करने को कहा। ठगी होते ही 1930 पर करें शिकायत पुलिस ने बताया कि साइबर अपराध होने पर पीड़ित व्यक्ति तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करा सकता है। जरूरत पड़ने पर राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के जरिए भी शिकायत की जा सकती है। पुलिस ने आमजन से सजग और सतर्क रहने तथा अपनी गोपनीय डिजिटल जानकारी किसी भी व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने की अपील की है।