करौली जिले में शुक्रवार को वंदे मातरम् के 150वें राष्ट्रीय सामूहिक गान का आयोजन किया गया। करौली शहर के दाखा देवी बालिका माध्यमिक आदर्श विद्या मंदिर में करीब 415 छात्र-छात्राओं और 22 शिक्षकों ने एक साथ वंदे मातरम् का सामूहिक गान किया। वहीं, मंडरायल क्षेत्र के राप्रावि बीरबल का पुरा, राप्रावि गोटियांन का पुरा, राउमावि भांकरी और महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय भांकरी में भी विद्यार्थियों और शिक्षकों ने सामूहिक गान में हिस्सा लिया। इस दौरान विद्यालयों में देशभक्ति और राष्ट्रप्रेम का माहौल नजर आया। ‘नमामि भारतम्-वंदे मातरम्’ से हुई शुरुआत करौली शहर के दाखा देवी बालिका माध्यमिक आदर्श विद्या मंदिर में आयोजित ‘नमामि भारतम्-वंदे मातरम्’ कार्यक्रम की शुरुआत प्रधानाचार्य शालिनी सिंघल ने अतिथियों का परिचय कराकर की। कार्यक्रम की अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल ने की। वंदे मातरम् के इतिहास और महत्व पर चर्चा विद्या भारती संस्थान जयपुर के प्रांतीय सदस्य केसर सिंह नरुका ने वंदे मातरम् के इतिहास, महत्व और राष्ट्रीय भावना में इसकी भूमिका पर विचार रखे। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्रप्रेम और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करने की अपील की। विद्यालय की उपाध्यक्ष रेखा गोयनका ने वंदे मातरम् की प्रस्तावना प्रस्तुत की। 415 विद्यार्थियों और 22 शिक्षकों ने गाया वंदे मातरम् प्रस्तावना के बाद विद्यालय के करीब 415 छात्र-छात्राओं और 22 शिक्षकों ने एक साथ वंदे मातरम् का सामूहिक गान किया। सामूहिक गान के दौरान पूरा विद्यालय परिसर देशभक्ति के भाव से गूंज उठा। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रहित और राष्ट्रसेवा के संकल्प के साथ हुआ। मंडरायल के चार विद्यालयों में भी सामूहिक गान मंडरायल क्षेत्र में अतिरिक्त ब्लॉक शिक्षा अधिकारी घनश्याम जाटव ने राप्रावि बीरबल का पुरा, राप्रावि गोटियांन का पुरा, राउमावि भांकरी और महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय भांकरी का दौरा किया। इन विद्यालयों में भी वंदे मातरम् के 150वें राष्ट्रीय सामूहिक गान में शिक्षक और विद्यार्थी शामिल हुए। महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय भांकरी में कार्यवाहक संस्था प्रधान फूलसिंह मीना ने नए शिक्षा अधिकारी घनश्याम जाटव का साफा पहनाकर स्वागत किया। इस मौके पर पंचायत प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी मुनेश मीना सहित कई शिक्षक और कर्मचारी मौजूद रहे।