खैरथल में रविवार शाम एक पूर्व सैनिक की मौत हो गई। बेटे का आरोप है कि गांव के कुछ लोगों ने उसके पिता की पीट-पीटकर हत्या कर दी। वह बचाने पहुंचा तो उसके साथ भी मारपीट की गई। पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली है, लेकिन परिजनों का आरोप है कि 20 घंटे बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है। घटना 11 अक्टूबर की शाम करीब 5 बजे खरोला गांव में हुई। कार्रवाई ना होने के विरोध में परिजन खैरथल हॉस्पिटल के बाहर धरने पर बैठ गए। आक्रोशित ग्रामीणों ने खैरथल-हरसौली मार्ग जाम कर दिया। मौके पर पहुंचे डीएसपी ने दो दिन में कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों धरने से उठ गए। घर से बुलाकर खेत पर ले गए आरोपी पुलिस को दी रिपोर्ट में कृष्ण कुमार ने बताया कि 11 अक्टूबर की शाम करीब 5 बजे नरेश पुत्र जगदीश उसके पिता, पूर्व सैनिक शेरसिंह को घर से बुलाकर ले गया। उसने पिता से खेत की डोल दिखाने की बात कही थी। खेत में गांव के ही मोतीलाल, रमेश, कन्हैया, संजय और धर्मपाल पहले से मौजूद थे। इन लोगों ने शेरसिंह के साथ लात-घूंसों से मारपीट शुरू कर दी। बचाने पहुंचे बेटे से भी मारपीट रिपोर्ट के अनुसार, मारपीट की आवाज सुनकर कृष्ण कुमार मौके पर पहुंचा। आरोपियों ने उसके साथ भी मारपीट शुरू कर दी। कृष्ण कुमार का आरोप है कि संजय और कन्हैया ने उसे पकड़ लिया और लात-घूंसों से पीटा। इस दौरान उसने बचाव के लिए गांव वालों को आवाज लगाई। ग्रामीणों को आता देखकर आरोपी मौके से फरार हो गए। कृष्ण कुमार ने बताया कि जब उसने पिता को संभाला, तब तक उनकी मौके पर ही मौत हो चुकी थी। इसके बाद शव को खैरथल सरकारी अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया। बेटे ने आरोप लगाया कि पुलिस न तो मौके पर पहुंची और न ही उसी दिन शिकायत दर्ज की गई। कई बार कहने के बाद भी पुलिस ने सुनवाई नहीं की और आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। हांलाकि आज सुबह एफआईआर दर्ज कर ली गई। मामले में खैरथल थानाधिकारी रामकिशन यादव ने बताया कि पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस आरोपों की जांच कर रही है। आक्रोशित ग्रामीणों ने की सड़क जाम इससे आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने शव का पोस्टमॉर्टम करवाने से मना कर दिया। ग्रामीणों ने दोपहर करीब 12 बजे खैरथल जिला अस्पताल के बाहर खैरथल-हरसौली मार्ग जाम कर प्रदर्शन किया। मौके पर पहुंचे तहसीलदार और थानाधिकारी ने समझाइश की कोशिश की लेकिन ग्रामीण नहीं माने। घटना की सूचना मिलने पर करीब 2 बजे किशनगढ़बास डीएसपी लालसिंह यादव मौके पर पहुंचे। डीएसपी ने परिजनों को दो दिन में गिरफ्तारी का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजनों ने धरना हटा दिया।