नगर निकाय चुनाव के दौरान वोटर लिस्ट, पोलिंग बूथ या OTP के नाम पर ठगी के लिए खैरथल-तिजारा पुलिस ने एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने आमजन, प्रत्याशियों, राजनीतिक कार्यकर्ताओं और चुनाव ड्यूटी में लगे कार्मिकों को संदिग्ध लिंक, OTP शेयरिंग और डीपफेक वीडियो से बचने की सलाह दी है। जिला पुलिस अधीक्षक बृजेश उपाध्याय (IPS) ने मतदाताओं से अपील की है कि वोटर लिस्ट, मतदान केंद्र या चुनाव संबंधी जानकारी के नाम पर आने वाले किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें। फर्जी वोटर लिंक से रहें सावधान पुलिस के अनुसार साइबर ठग WhatsApp या SMS के जरिए 'अपना नाम वोटर लिस्ट में देखें' या 'आपका पोलिंग बूथ बदल गया है' जैसे संदेश भेजकर फर्जी लिंक पर क्लिक करा सकते हैं। मतदाता सूची और मतदान संबंधी जानकारी के लिए केवल राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन अधिकारी राजस्थान की आधिकारिक वेबसाइट का ही इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। पुलिस ने चेताया है कि साइबर ठग चुनाव आयोग का अधिकारी बनकर वोटर कार्ड अपडेट, सत्यापन या अन्य चुनावी प्रक्रिया के नाम पर OTP, बैंक खाता, UPI PIN या निजी जानकारी मांग सकते हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि OTP और UPI PIN किसी के साथ साझा न करें। डीपफेक वीडियो और ऑडियो से भी रहें सतर्क चुनाव के दौरान सोशल मीडिया पर नेताओं के नाम से फर्जी वीडियो, ऑडियो, भाषण और डीपफेक सामग्री वायरल होने की आशंका है। पुलिस ने अपील की है कि किसी भी वायरल सामग्री पर बिना आधिकारिक पुष्टि के भरोसा न करें और आगे भेजने से पहले उसकी सत्यता जांच लें। प्रत्याशी और कार्यकर्ता सोशल मीडिया अकाउंट करें सुरक्षित चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं को Facebook, Instagram, X और WhatsApp जैसे सोशल मीडिया अकाउंट पर Two-Step Verification (2FA) सक्रिय करने, मजबूत पासवर्ड रखने और अनजान लिंक से लॉगिन जानकारी साझा न करने की सलाह दी गई है। चुनावी चंदे के नाम पर QR कोड से ठगी का खतरा पुलिस ने चुनावी डोनेशन और फंड रेजिंग के नाम पर भेजे जाने वाले UPI लिंक और QR कोड की जांच करने की अपील की है। पुलिस ने बताया कि पैसा प्राप्त करने के लिए कभी UPI PIN दर्ज नहीं करना पड़ता। QR कोड स्कैन करने या PIN डालने से पहले लेन-देन की पूरी जानकारी जांचना जरूरी है। WhatsApp ग्रुप एडमिन भी रहें सतर्क चुनाव संबंधी WhatsApp ग्रुप के एडमिन को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। प्रचार और चुनावी ग्रुप में केवल भरोसेमंद सदस्यों को संदेश पोस्ट करने की अनुमति देने तथा जरूरत पड़ने पर 'Only Admins' विकल्प इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। चुनाव ड्यूटी कार्मिक सार्वजनिक Wi-Fi से बचें चुनाव ड्यूटी में लगे कार्मिकों को चुनावी डेटा या EVM/VVPAT से जुड़ी संवेदनशील जानकारी निजी डिवाइस या असुरक्षित नेटवर्क पर साझा न करने के निर्देश दिए गए हैं। अनजान ई-मेल आईडी से आने वाले चुनाव संबंधी सर्कुलर, लिंक या अटैचमेंट को सत्यापन के बिना न खोलने की भी हिदायत दी गई है। ठगी होते ही 1930 पर करें शिकायत पुलिस ने कहा है कि साइबर वित्तीय धोखाधड़ी होने पर समय गंवाए बिना 'गोल्डन ऑवर' में 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराएं। इसके अलावा नजदीकी पुलिस स्टेशन, साइबर पुलिस स्टेशन या राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी शिकायत की जा सकती है। राजस्थान में 9256001930 और 9257510100 पर भी साइबर ठगी की सूचना दी जा सकती है। एसपी बृजेश उपाध्याय ने कहा कि सतर्क मतदाता ही सुरक्षित मतदाता है। चुनाव संबंधी किसी भी सूचना पर भरोसा करने से पहले उसके स्रोत की पुष्टि करें और साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें।