अजमेर जिले के किशनगढ़ में ट्रैफिक पुलिस उपाधीक्षक (DSP) के वकील बाबूलाल को थप्पड़ मारने का मामला तूल पकड़ गया है। घटना के विरोध में सोमवार को अजमेर जिला बार एसोसिएशन के वकीलों ने पूरी तरह कार्य बहिष्कार कर दिया और सड़कों पर उतर आए। वकीलों ने पहले जयपुर रोड स्थित कोर्ट के बाहर दोनों तरफ का रास्ता जाम कर दिया। इससे देखते ही देखते सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। जाम के दौरान एक सिटी बस ड्राइवर और वकीलों के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। कलेक्ट्रेट के बाहर लगे बैरिकेड्स हटाने के लिए पुलिस के साथ धक्का-मुक्की हो गई। हालात बिगड़ते देख एडिशनल एसपी (सिटी) हिमांशु जांगिड़ पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। सबसे पहले देख प्रोटेस्ट की तसवीरें…. कलेक्ट्रेट पर बैरिकेड्स हटाने को लेकर धक्का-मुक्की बार एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेंद्र ओझा के नेतृत्व में सैकड़ों वकील रैली निकालते हुए कोर्ट से कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां माहौल उस वक्त गरमा गया, जब पुलिस ने कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार पर बैरिकेडिंग कर वकीलों को रोकने की कोशिश की। गुस्साए वकीलों ने बैरिकेड्स हटाने के लिए जोर आजमाइश की, जिससे पुलिस और वकीलों के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई। कुछ वकील कलेक्ट्रेट के गेट पर भी चढ़ गए और जमकर नारेबाजी की। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने अंदर जाकर एसपी हर्षवर्धन अग्रवाल से मुलाकात की और डीएसपी अंजू यादव के खिलाफ सख्त कार्रवाई का ज्ञापन सौंपा। बार अध्यक्ष योगेंद्र ओझा बोले- माफी मांगने से कोई अपराध मुक्त नहीं हो जाता' बार एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेंद्र ओझा ने कहा- सार्वजनिक जगह पर, जहां मीडिया और लाइव स्ट्रीम चल रहा था, वहां एक बुद्धिजीवी और वकील को थप्पड़ मारना बेहद गंभीर है। सोशल मीडिया पर माफी मांग लेने से क्या कानून से मुक्ति मिल जाती है? अगर यही काम कोई आम नागरिक कर देता तो क्या पुलिस उसे सिर्फ माफी मांगने पर छोड़ देती? सजा देने का काम अदालत का है, पुलिस का नहीं। मामले में अधिकारी को फील्ड पोस्टिंग से तुरंत हटाया जाए। इसके साथ ही डीएसपी के खिलाफ निष्पक्ष विभागीय जांच और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।