पश्चिम बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी ने शुक्रवार को कहा कि भाजपा ने चुनाव 'हाईजैक' करने के लिए चुनाव आयोग का इस्तेमाल किया। वोटर लिस्ट से लाखों नाम गैर-कानूनी तरीके से हटाकर 'वोट लूटने' के लिए SIR का इस्तेमाल किया गया। ममता ने आगे कहा- भाजपा बंगाल में बांटने वाली राजनीति कर रही है और डर फैलाने के लिए पुलिस का इस्तेमाल कर रही है। तृणमूल छात्र परिषद का आज स्थापना दिवस है। ममता सहित पार्टी के सीनियर नेताओं ने कोलकाता में एक इवेंट में छात्रों को संबोधित किया। ममता की स्पीच, 3 बड़ी बातें; कहा- भाजपा ने पुलिस को राक्षस बना दिया 1. भाजपा सरकार में पुलिस का खराब रवैया: TMC के शासन में पुलिस का मानवीय चेहरा था, लेकिन BJP ने पुलिस को राक्षसी संस्था में बदल दिया। ममता ने कहा कि वह अपने समर्थकों के खिलाफ “पुलिस की ज्यादती” रोकेंगी। उन्होंने कहा कि यह रक्षाबंधन पर उनका संकल्प है। 2. बंगाल में भाजपा की विभाजनकारी नीति: ममता ने BJP पर बंगाल में विभाजनकारी राजनीति करने और पुलिस के जरिए लोगों में डर फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही पूरे राज्य का दौरा शुरू करेंगी और अगर उनकी सभाओं की अनुमति नहीं मिली तो सड़कों पर उतरकर लोगों के बीच जाएंगी। मैं देखूंगी कि उनके पास कितने अंडे और ईंटें जमा हैं। 3. अतिक्रमण को लेकर सरकार पर निशाना: फुटपाथों से हॉकरों को हटाने पर उन्हें आपत्ति नहीं है, लेकिन उनको दूसरी जगह देनी चाहिए। अगर सरकार ऐसा नहीं कर सकती तो उन्हें हर महीने 25 हजार रुपये मुआवजा देना चाहिए। --------------------------- ये खबर भी पढ़ें… ममता बोलीं- मुझे रोकना है तो मारना पड़ेगा: गद्दारी की भी सीमा होती है पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) में जारी बगावत के बीच ममता बनर्जी ने कहा कि पार्टी का चुनाव चिह्न कहीं नहीं जाएगा। अगर मुझे रोकना है तो मुझे मारना पड़ेगा। पूरी खबर पढ़ें…