दिवाली के त्योहार को देखते हुए शहर में अस्थाई आतिशबाजी (पटाखों) की दुकानों के लिए लाइसेंस प्रक्रिया तेज हो गई है। जिला प्रशासन के माध्यम से दमकल विभाग को ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए मुख्य अग्निशमन अधिकारी राकेश व्यास ने 5 से 6 विशेष टीमों का गठन कर शहरभर में सर्वे शुरू करवा दिया है। सीएफओ ने साफ कर दिया है कि नियमों की अनदेखी करने वालों को किसी भी सूरत में लाइसेंस जारी नहीं किया जाएगा। राकेश व्यास ने बताया कि हर साल दिवाली पर बड़ी संख्या में शहर में अस्थाई दुकाने लगती है। इसी के तहत इस बार भी प्रक्रिया चल रही है, लाइसेंस से पहले दुकानों का सर्वे किया जा रहा है। जो नियम और गाइडलाइंस है, उसके अनुसार दुकान होगी तो ही नक्शा मिलेगा। इन बातों का रखना होगा ध्यान हाईटेंशन लाइन व ट्रांसफॉर्मर के नीचे दुकान न हो। राकेश व्यास ने बताया कि आवेदनकर्ता की दुकान या प्रस्तावित स्थान किसी बिजली के ट्रांसफॉर्मर के ठीक नीचे है अथवा ऊपर से हाई-टेंशन बिजली की लाइनें गुजर रही हैं, तो उस स्थान को तुरंत असुरक्षित मानकर लाइसेंस खारिज कर दिया जाएगा। पटाखा दुकान के आसपास किसी भी प्रकार का ज्वलनशील, आग पकड़ने वाला स्थान जैसे हलवाई की दुकान, चाय की भट्ठी, होटल या रेस्टोरेंट नहीं होना चाहिए। इंफ्लेमेबल आइटम्स की मौजूदगी पर एनओसी जारी नहीं की जाएगी। देखा जाता है कि व्यापारी लाइसेंस मिलने के बाद मुख्य सड़कों पर आगे तक टेंट या अस्थाई निर्माण कर अतिक्रमण कर लेते हैं। इस बार ऐसे विक्रेताओं पर सख्त पाबंदी रहेगी और सड़क बाधित करने वालों पर कार्रवाई होगी। आग से बचाव के पूरे बंदोबस्त हो, अग्निशमन वाहन आ जा सके प्रत्येक अस्थाई दुकान पर चालू स्थिति (रीफिल्ड) वाला पोर्टेबल फायर एक्स्टिंग्विशर (अग्निशमन यंत्र) और पर्याप्त मात्रा में पानी की उपलब्धता जरूरी है। जांच के दौरान इसमें कमी पाए जाने पर आवेदन रद्द कर दिया जाएगा। इसके अलावा सबसे जरूरी यह है कि आपात स्थिति में घटनास्थल तक दमकल की गाड़ी बिना किसी रुकावट के पहुँच सके। संकरे रास्तों या घनी आबादी के बीच जहां गाड़ी न जा सके, वहां आतिशबाजी दुकान की इजाजत नहीं मिलेगी। 500 से 600 आवेदनों का मौके पर हो रहा सत्यापन मुख्य अग्निशमन अधिकारी राकेश व्यास के अनुसार, शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र मंडाना और कैथून से भी लगभग 500 से 600 आवेदन प्राप्त हुए हैं। गठित टीमें हर क्षेत्र में जाकर भौतिक सत्यापन (सर्वे) कर रही हैं। केवल वही विक्रेता दुकान लगा सकेंगे जो सुरक्षा मानकों पर पूरी तरह खरे उतरेंगे।