कोटा नगर निगम की ओर से आयोजित 133वें राष्ट्रीय दशहरा मेला-2026 में राजस्व अर्जन के मामले में नया रिकॉर्ड बना है। इस बार दशहरा मेले से नगर निगम को रिकॉर्ड 5.12 करोड़ रुपए की आय हुई है। पिछले साल के मुकाबले निगम की कमाई में 42 लाख रुपए का इजाफा हुआ है। निगम ने अब राजस्व का आंकड़ा 5.50 करोड़ रुपए के पार पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए खाली दुकानों के आवंटन और राजस्व बढ़ाने के अन्य विकल्पों पर काम किया जा रहा है, ताकि इनसे भी आय बढ़ाई जा सके। नगर निगम आयुक्त ओम प्रकाश मेहरा ने बताया कि दशहरा मेले से साल 2026 में अब तक 5.12 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ है। इससे पहले 2025 में 4.70 करोड़ रुपए और 2024 में 4.20 करोड़ रुपए की आय हुई थी। इस बार पिछले साल के मुकाबले 42 लाख रुपए ज्यादा राजस्व अर्जित किया जा चुका है। निगम का प्रयास है कि मेला समापन तक आय का आंकड़ा 5.50 करोड़ रुपए के पार पहुंच जाए। खाली दुकानों के आवंटन की तैयारी उपायुक्त धीरज कुमार सोनी ने बताया कि मेले में दुकानों का आवंटन पारदर्शिता के साथ किया गया है। अब कुछ दुकानें ही खाली रह गई हैं, जो हर साल आवंटित नहीं हो पाती हैं। इन दुकानों का आवंटन सुनिश्चित करने के लिए राजस्व विभाग प्रयास कर रहा है। इसके साथ ही मेला ग्राउंड में कुछ नई दुकानें और झूले भी आवंटित किए गए हैं। खाली दुकानों के कारणों का होगा विश्लेषण राजस्व सहित अन्य संबंधित विभागों की टीमें विभिन्न बाजारों में जाकर खाली दुकानों का निरीक्षण कर रही हैं। साथ ही दुकानों के आवंटित नहीं होने के कारणों की जानकारी जुटाई जा रही है। मेला समापन के बाद इन कारणों का विश्लेषण किया जाएगा। इसके आधार पर आगामी साल के मेले के लिए कार्ययोजना तैयार होगी, ताकि ज्यादा से ज्यादा दुकानों का आवंटन सुनिश्चित किया जा सके और नगर निगम के राजस्व में और बढ़ोतरी हो सके।