कोटा शहर के गोविंद नगर स्थित राजकीय प्राथमिक संस्कृत विद्यालय में छोटी छात्राओं से झाड़ू लगवाने का वीडियो सामने आया है। स्थानीय लोगों ने यह वीडियो बनाया। इसमें दो बालिकाएं स्कूल के बरामदे में झाड़ू लगाती नजर आ रही हैं। वीडियो बनते देख छात्राओं ने झाड़ू लगाना बंद कर दिया और अंदर जाकर मैडम को इसकी जानकारी दी। वीडियो सामने आने के बाद जब स्कूल पहुंचकर पड़ताल की गई तो वहां दो छात्र पोषाहार खाने के बाद बाहर रखी थालियां एकत्र करते नजर आए। उनसे ऐसा करने का कारण पूछा तो उन्होंने कहा कि वे पानी पीने आए हैं। टीचर बोलीं- हर सोमवार होता है श्रमदान स्कूल की टीचर सुमन ने बताया कि विद्यालय में हर सोमवार को सभी मिलकर श्रमदान करते हैं। पहले भी वार्ड पार्षद और विधायक स्कूल में श्रमदान कर चुके हैं। सोमवार को श्रमदान के तहत बच्चे सफाई कर रहे थे, जबकि हम अंदर सफाई कर रहे थीं। उन्होंने कहा कि वीडियो किसने बनाया, इसकी जानकारी नहीं है। स्कूल में सफाईकर्मी नहीं है, इसलिए सभी मिलकर सफाई करते हैं। 77 बच्चों को पढ़ाने के लिए दो शिक्षिकाएं यह विद्यालय कक्षा 1 से 5 तक संचालित है। यहां 77 बच्चे पढ़ते हैं और दो महिला टीचर कार्यरत हैं। इनमें से एक शिक्षिका की ड्यूटी बीएलओ में लगी हुई है। ऐसे में दूसरी शिक्षिका को ही अलग-अलग कक्षाओं के बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी संभालनी पड़ती है। सवाल: बच्चों से सफाई कराना कितना उचित? स्कूल में सफाईकर्मी नहीं होने और श्रमदान के नाम पर छोटी छात्राओं से झाड़ू लगवाने का मामला सामने आने के बाद बच्चों की पढ़ाई और स्कूल की सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि, विद्यालय प्रबंधन ने इसे नियमित श्रमदान का हिस्सा बताया है। --- ये खबर भी पढ़ें… जयपुर की नूडल्स फैक्ट्री में काम करते मिले पांच बच्चे:पुलिस ने रेस्क्यू कर बाल कल्याण समिति को सौंपे, फैक्ट्री संचालक मनीष अग्रवाल जयपुर वेस्ट पुलिस की मानव तस्करी यूनिट (AHTU) और दौलतपुरा थाना पुलिस ने बाल श्रम के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक फैक्ट्री से 5 बाल श्रमिकों को मुक्त कराया। मामले में फैक्ट्री संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी गई है। (पूरी खबर पढ़ें)