कोटा नगर निगम चुनाव के नतीजों में भाजपा को अपने ही दिग्गजों के वार्डों में बड़ा झटका लगा है। शिक्षा मंत्री और भाजपा शहर अध्यक्ष के वार्ड में BJP प्रत्याशी हार गए। वहीं कांग्रेस 10 वार्डों में तीसरे नंबर पर रही है, जबकि 3 वार्डों में भाजपा तीसरे नंबर पर रही है। हालांकि, ईवीएम में तकनीकी गड़बड़ी के कारण पूर्व विधायक प्रह्लाद गुंजल के वार्ड 87 का रिजल्ट फिलहाल रोक दिया गया है, जिससे यहां मुकाबले की तस्वीर साफ नहीं हो सकी है। दरअसल, कोटा नगर निगम चुनाव में 100 में से 97 वार्डों का रिजल्ट घोषित किया जा चुका है। इनमें भाजपा ने 55 और कांग्रेस ने 38 सीटें जीती हैं, जबकि 4 वार्डों में निर्दलीयों ने बाजी मारी। तीन वार्ड (11,44 और 87) में मशीन नहीं खुलने से परिणाम होल्ड पर रखा है। कोटा नगर निगम में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के विधानसभा क्षेत्र रामगंज मंडी के 6 वार्ड आते हैं। इनमें तीन वार्ड (वार्ड 2, 23, 24) में भाजपा को जीत मिली है। जबकि तीन (3,:22, 52) में कांग्रेस जीती है। दो नगर निगम मर्ज करने का असर इन नेताओं के वार्ड में पार्टी प्रत्याशी को हार मिली शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के वार्ड 52 से कांग्रेस प्रत्याशी रोहित महावर ने जीत हासिल की है। रोहित महावर ने बीजेपी की एकता वर्मा को 149 वोटों से हराया। भाजपा विधायक कल्पना के वार्ड 41 से भाजपा की हार हुई है। यहां से कांग्रेस के मंगल कुमार तंबोली को जीत मिली है। भाजपा प्रत्याशी राकेश 617 वोटों से हार गए। वहीं भाजपा शहर अध्यक्ष राकेश जैन के वार्ड 55 से कांग्रेस के मनीष ने जीत हासिल की है। मनीष ने बीजेपी के मिलाप जैन को 44 वोट से हराया। कांग्रेस नेता नईमुद्दीन गुड्डू के वार्ड 68 से बीजेपी के सुरेश सिंह जीते हैं। सुरेश सिंह ने कांग्रेस के राजेश दयानी को 1330 वोट से हराया। इन नेताओं के वार्ड से पार्टी प्रत्याशी जीते कोटा उत्तर से कांग्रेस विधायक शांति धारीवाल के वार्ड 41 से कांग्रेस के मंगल कुमार तंबोली को जीत मिली है। मंगल ने भाजपा प्रत्याशी राकेश को 617 वोटों से हराया है। विधायक संदीप शर्मा के वार्ड 27 में बीजेपी ने जीत हासिल की है। बीजेपी के लोकेश गुप्ता ने निर्दलीय प्रत्याशी दुष्यंत सिंह को 624 वोट से हराया। विधायक संदीप शर्मा के वार्ड में कांग्रेस तीसरे नंबर पर रही। कांग्रेस शहर जिला अध्यक्ष राखी गौतम के वार्ड से कांग्रेस के योगेश कुमार विजय ने जीत हासिल की है। योगेश ने बीजेपी के देवेंद्र शर्मा को 732 वोट से हराया। लोक सभा स्पीकर ओम बिरला के वार्ड 83 से भाजपा की सीमा चौधरी जीती हैं। सीमा चौधरी ने कांग्रेस की सुनीता शर्मा को 1746 वोटों से हराया। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर के वार्ड 94 से बीजेपी की दीपिका शर्मा जीती हैं। दीपिका ने कांग्रेस की दीपा मंगल को 1005 वोटों से हराया। पिछली बार 150 वार्ड थे, जिनमें कांग्रेस-83 और भाजपा को मिली थी 50 सीटें पिछली बार कोटा में दो नगर निगम थे। दोनों में कुल 150 वार्ड थे। जिसमें कांग्रेस ने 83 सीटें (55.33%) जीती थी और भाजपा ने 50 सीटों (33.33%) पर जीत हासिल की थी, जबकि 17 निर्दलीय (11.33%) जीते थे। इस बार कोटा में एक ही निगम किया गया है। इस बार 100 वार्डों में वोटिंग हुई। हालांकि, रिजल्ट 100 में 97 सीटों का ही आया है। इस बार भाजपा ने 55 सीटें (56.70%) जीती है और कांग्रेस ने 38 सीटें (39.17%) अपने नाम की है, जबकि 4 निर्दलीय (4.12%) के खाते में आई है। कोटा में इस बार एक निगम होने से सीटों की तुलना प्रतिशत में की गई। मंत्री-विधायक के वार्ड में हार जीत प्रमुख नेताओं के वार्ड में पार्टी को मिले वोट इनकी बड़ी जीत भाजपा के गोपाल राम मंडा पांचवीं बार चुनाव जीतकर पार्षद बने हैं। गोपाल ने पहला चुनाव निर्दलीय जीता था। जिसके बाद लगातार भाजपा के टिकट पर जीतते आए है। लॉटरी के चलते इस बार उन्होंने दूसरे वार्ड (वार्ड 91) से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। भाजपा के विवेक राजवंशी लगातार चौथा चुनाव जीते हैं, विवेक ने भी लॉटरी के चलते वार्ड बदला और गोपाल मंडा के वार्ड से चुनाव लड़कर जीत हासिल की। सबसे बड़ी जीत कांग्रेस के वार्ड 13 से प्रत्याशी फैजल बैग को सबसे ज्यादा वोटों से जीत मिली है। फैसल ने भाजपा के दिनेश सरसिया को 3860 वोटों से हराया है। सबसे कम अंतर से जीत सबसे कम अंतर से हार जीत वार्ड 22 में हुई। यहां कांग्रेस के धीरेंद्र नागर ने भाजपा के सियाराम वैष्णव को 29 वोट से हराया। इन वार्डों में भाजपा कांग्रेस तीसरे नंबर पर रही 7 वार्ड में 50 से कम अंतर से हार जीत 100 में से 7 वार्ड ऐसे हैं, जिनमें हार जीत का अंतर 50 से कम रहा है। इनमें तीन में भाजपा, तीन कांग्रेस और एक में निर्दलीय को जीत मिली। सबसे कम अंतर से हार जीत वार्ड 22 में हुई। यहां कांग्रेस के धीरेंद्र नागर ने भाजपा के सियाराम वैष्णव को 29 वोट से हराया।