कांग्रेस शुक्रवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर देशभर में प्रदर्शन किया। उत्तराखंड के देहरादून में कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पर चढ़ गए। पटना में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इधर, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने शुक्रवार को कहा कि अगर ज्ञानेश कुमार ने इस्तीफा नहीं दिया तो 2 अक्टूबर से देशव्यापी आंदोलन करेंगे। CJP ने गुरुवार को ज्ञानेश कुमार को 48 घंटे की डेडलाइन दी थी। SIR को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। याचिका में SIR के फैसलों, दिशानिर्देशों और सॉफ्टवेयर बदलावों को असंवैधानिक घोषित करने और करीब 13 करोड़ वोटर्स के नाम हटाने की SIT जांच की मांग है। देशभर में प्रदर्शन की तस्वीरें… दिल्ली: चुनाव आयोग के ऑफिस तक मार्च हिमाचल: शिमला में EC के ऑफिस बोर्ड पर कालिख पोती यूपी: लखनऊ में कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया बिहार: पटना में भी EC ऑफिस का घेराव उत्तराखंड: देहरादून में बैरिकेड तोड़ा हरियाणा: चंडीगढ़ में कार्यकर्ताओं पर पानी छोड़ा गया बंगाल: कोलकाता में मार्च निकाला असम: गुवाहाटी में अखिल गोगोई हिरासत में लिया कांग्रेस बोली- चुनाव आयोग मनमानी कर रहा कांग्रेस का आरोप है कि ज्ञानेश कुमार चुनाव आयोग में मनमानी कर रहे हैं और दो अन्य आयुक्तों की बात नहीं सुन रहे हैं। पार्टी का ये आरोप इंडियन एक्सप्रेस में छपी उस खबर के बाद आया है, जिसमें कहा गया है कि पिछले 10 महीनों में 14 बार दोनों चुनाव आयुक्तों ने आयोग के फैसलों पर आपत्ति जताई है। दो चुनाव आयुक्तों ने 4 बड़े सवाल उठाए 1. फॉर्म-6 में बदलाव: नए वोटरों से पिछली SIR लिस्ट में खुद या परिवार के नाम की जानकारी मांगने पर दोनों ने सवाल उठाया। संधू ने इसे गैरकानूनी बताते हुए हटाने की मांग की। 2. वोटर डेटा का कंट्रोल: दोनों ने सवाल किया कि वोटर डेटाबेस का कंट्रोल दिल्ली में क्यों बढ़ रहा है और राज्यों की पहुंच क्यों सीमित हो रही है। 3. बंगाल में 16 लाख अपीलें: संधू ने पूछा कि हटाए गए नामों को लेकर करीब 16 लाख अपीलें किसने और किसकी अनुमति से दायर कीं। 4. गोवा के 97 वोटर: जांच में योग्य पाए गए 97 वोटरों को सॉफ्टवेयर की समस्या के कारण अंतिम लिस्ट में नहीं जोड़ा जा सका। कांग्रेस के प्रदर्शन से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे लाइव ब्लॉग को देखें…