TMC प्रमुख ममता बनर्जी ने सोमवार को कहा कि पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मुझे घर में नजरबंद करने और राजनीतिक रूप से परेशान करने की धमकी दी। रिपोर्ट्स के मुताबिक ममता ने X पर शुभेंदु का एक वीडियो भी शेयर किया जिसमें वे कहते हुए दिख रहे हैं कि ममता फेसबुक तक ही रहें। मैं उन्हें सड़क पर नहीं आने दूंगा। ममता ने कहा कि शुभेंदु ने मुझे धमकी दी है कि अगर मैंने सड़कों पर विरोध करने की कोशिश की, तो मुझे घर से बाहर नहीं निकलने दिया जाएगा। ममता ने कहा- राजनीति से संन्यास नहीं लूंगी ममता ने आगे कहा कि वह राजनीति से संन्यास नहीं लेंगी। भाजपा को हाशिए पर पहुंचाने तक वह नहीं रुकेंगी। सिर्फ चार महीनों में ही बंगाल के लोगों को BJP का असली चेहरा समझ आ गया। उन्होंने आरोप लगाया, ‘राज्य के अलग-अलग हिस्सों में महिलाएं अन्नपूर्णा भंडार आर्थिक सहायता योजना का पैसा मिलने में देरी के खिलाफ प्रदर्शन कर रही हैं। राज्य की बीजेपी सरकार अपात्रता का बहाना बनाकर लाभार्थियों की संख्या घटा रही है।’ ममता ने कहा, 'हमने महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए लक्ष्मी भंडार योजना शुरू की थी, लेकिन BJP अन्नपूर्णा भंडार का पैसा देने के लिए धर्म और नस्ल को आधार मान रही है। बीजेपी चुनाव से पहले सभी महिलाओं को अन्नपूर्णा योजना का पैसा देने का वादा कर अब उन्हें धोखा दे रही है।' फेसबुक लाइव में जनगणना पर उठाए सवाल ममता ने फेसबुक लाइव में कहा कि जनगणना की प्रक्रिया नेशनल सिटिजन रजिस्टर (NRC) लागू करने की कोशिश है, जिसे राजनीतिक दलों से सलाह किए बिना लागू किया गया है। NRC का मकसद भारतीय नागरिकों का आधिकारिक रजिस्टर तैयार करना है। हालांकि सरकार इसे अब तक लागू नहीं कर पाई है। TMC का बागी विधायक ममता के पास लौटा तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी विधायक कासेम सिद्दीकी ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले खेमे में लौटने का ऐलान किया है। उत्तर 24 परगना की अमदंगा सीट से विधायक सिद्दीकी कुछ महीने पहले विपक्षी नेता रितब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट में शामिल हुए थे। अब उन्होंने कहा है कि वह हमेशा ममता बनर्जी के साथ थे और आगे भी उनके नेतृत्व में रहेंगे। विपक्ष जनगणना से NRC को क्यों जोड़ रहा है, जानिए 3 पॉइंट्स में ----------------------------------- ये खबर भी पढ़ें: आज का एक्सप्लेनर:पासपोर्ट-आधार भी नागरिकता का सबूत नहीं, फिर कैसे तय होगा कि आप भारत के नागरिक; क्या NRC की तैयारी है ‘पासपोर्ट एक यात्रा दस्तावेज है, न कि नागरिकता का प्रमाणपत्र।’ विदेश मंत्रालय के अधिकारी का ये बयान सुर्खियों में है। सवाल उठ रहे हैं कि अगर पासपोर्ट नहीं, तो भारत के नागरिक होने का सबूत क्या है? क्या सरकार नागरिकता के लिए कुछ नया करने जा रही है। पढ़ें पूरी खबर…