मानसून की सुस्त चाल ने इस बार बांधों का भी गला तर नहीं किया। जून से अब तक 70 दिन का मानसून सीजन बीत चुका है, लेकिन औसत से 16.13% कम बारिश से बांधों में पानी की आवक बीते साल की तुलना में कम है। प्रदेश के 23 बड़े बांधों की स्थिति यह है कि क्षमता के मुकाबले सिर्फ 64 फीसदी पानी ही है। इन बांधों की कुल क्षमता 8196 एमक्यूएम (मिलियन क्यूबिक मीटर) है, जबकि वर्तमान में 5274.824 एमक्यूएम पानी भरा है। मानसून सीजन से पहले 15 जून तक बांधों में कुल क्षमता का 43.48% पानी भरा था। वर्तमान भराव के अनुसार इस सीजन में केवल 1693 एमक्यूएम पानी की ही आवक हुई है। जवाहर सागर, राणा प्रताप सागर, बीसलपुर बांध जैसे बड़े बांधों में कुल क्षमता का 70 फीसदी भराव हुआ है। हालांकि सितंबर आखिर तक मानसून सीजन रहता है, ऐसे में उम्मीद है कि अगर अच्छी बारिश हुई तो बांधों में पानी की अच्छी आवक होगी। मध्यम-छोटे बांधों में से 43 ही भर पाए प्रदेश के छोटे एवं मध्यम बांधों में भराव की बात करें तो कुल 693 बांधों में से इस बार केवल 43 बांध ओवरफ्लो हुए हैं। 205 बांध पूरी तरह खाली हैं, 445 बांध आंशिक भरे हैं। 693 बांधों में कुल भराव क्षमता 13029.09 एमक्यूएम है, लेकिन अभी इनमें पानी 7390.51 एमक्यूएम यानी 56.72% पानी है। बीते साल 25 अगस्त तक इन बांधों में 10482.21 एमक्यूएम पानी की आवक हो चुकी थी।