कोटा में जिन लोगों पर निगम का कोई भी टैक्स बकाया है, वह चुनाव नहीं लड़ सकेगा। ऐसे में नगर निगम की तरफ से नो डयूज सर्टिफिकेट बनाने और बांटने का काम शुरू हो चुका है। नगर निगम चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए नो ड्यूज सर्टिफिकेट (निरावशेष प्रमाण पत्र) जारी करने की प्रक्रिया सोमवार से शुरू हो चुकी है। निगम आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा के अनुसार प्राप्त आवेदनों की रिपोर्ट विभिन्न विभागों से मिलने के बाद पहले दिन पांच सौ प्रमाण पत्र तैयार कर लिए गए थे। सर्टिफिकेट लेने निगम पहुंच रहे दावेदार इसके अलावा मंगलवार को सात सौ प्रमाण पत्र तैयार कर लिए गए हैं। इनका वितरण किया जा रहा है। बड़ी संख्या में दावेदार नो डयूज सर्टिफिकेट लेने के लिए निगम पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रमाण पत्र लेने के लिए आवेदक को खुद आना होगा। कमरा नंबर 103 में सुबह 10 से शाम 5 बजे तक नए आवेदन भी जमा किए जा सकते हैं। इधर, सर्टिफिकेट लेने पहुंचे दावेदार रमेश चंद सैनी ने निगम और पुलिस प्रशासन की इस प्रक्रिया पर अपनी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि वे अनापत्ति प्रमाण पत्र, पुलिस वेरिफिकेशन और नया जाति प्रमाण पत्र सब बनवा चुके हैं और अब बस पार्टी के टिकट का इंतजार कर रहे हैं। नो ड्यूज सर्टिफिकेट मांगे जा रहे हालांकि, चुनाव प्रक्रिया की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा छोटे मकान वालों से भी नो ड्यूज सर्टिफिकेट मांगा जा रहा है, जिनका यूडी टैक्स से कोई लेना-देना ही नहीं है। इस तरह की अनिवार्यताओं से आम जनता और चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार केवल परेशान और उलझ रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि वार्डों का दायरा बड़ा हो गया है और चुनाव के लिए समय बेहद कम बचा है। ऐसे में कागजी औपचारिकताओं में ही सारा समय निकल रहा है। पुलिस वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि बिना किसी आपराधिक रिकॉर्ड के भी उनसे आठ-आठ दस्तावेज मांगे गए और कोई स्पष्ट सूचना न मिलने के कारण खुद ही चक्कर काटने पड़ रहे। यह हर दावेदार के सामने परेशानी है।